मुंबई मेट्रो: मुंबई की रफ्तार को नई दिशा देने वाली मेट्रो परियोजनाएं इन दिनों सुरक्षा के कड़े घेरे में हैं। 14 फरवरी को मुलुंड में मेट्रो लाइन 4 पर हुए दर्दनाक हादसे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस घटना के बाद मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुंबई की सभी निर्माणाधीन और संचालित मेट्रो लाइनों के व्यापक ‘सुरक्षा ऑडिट’ का आदेश जारी किया है।
हादसे की भयावहता और तत्काल कार्रवाई
विदित हो कि शनिवार को मुलुंड में मेट्रो निर्माण के दौरान एक हिस्सा गिरने से नीचे से गुजर रहा ऑटोरिक्शा उसकी चपेट में आ गया था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के भरथनी गांव के प्रधान, रामधनी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
To further strengthen oversight, the MMRDA has set up an internal vigilance squad to intensify regular monitoring, periodic checks, and safety audits across project sites. The decision was announced by Deputy Chief Minister and MMRDA Chairman Shri Eknath Shinde.
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— MMRDA (@MMRDAOfficial) February 17, 2026
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहन जांच के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, मेट्रो लाइन 4 के पूरे कॉरिडोर की स्ट्रक्चरल और सुरक्षा जांच के लिए 13 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। इस टीम ने अब तक 20 किलोमीटर लंबे मार्ग का निरीक्षण पूरा कर लिया है।
दोषियों पर वज्रपात: जुर्माना, गिरफ्तारी और निलंबन
MMRDA ने लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख कार्रवाइयां एक नजर में:
- भारी जुर्माना: मुख्य ठेकेदार राज वी. मिलन इन्फ्रा पर 5 करोड़ रुपए और जनरल कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना ठोक दिया गया है।
- अधिकारियों पर गाज: कार्यकारी अभियंता सत्यजीत साल्वे समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- कानूनी शिकंजा: पुलिस ने लापरवाही के आरोप में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और मैनेजर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
- कंसल्टेंट की विदाई: जनरल कंसल्टेंट की कार्यप्रणाली पहले से ही संदेह के घेरे में थी। ढाई साल में 150 से अधिक नोटिस मिलने के बावजूद सुधार न होने पर अब उसकी सेवा समाप्त (Terminate) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा ऑडिट: शून्य सहिष्णुता की नीति
प्राधिकरण का यह सुरक्षा ऑडिट केवल खानापूर्ति नहीं होगा। ऑडिट टीम यह सुनिश्चित करेगी कि:
- निर्माणाधीन स्थलों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल सही स्थिति में हैं या नहीं।
- उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री और स्ट्रक्चरल डिजाइन मानकों के अनुरूप है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों में काम करते समय ‘सेफ्टी प्रोटोकॉल’ का पालन हो रहा है।
विकास का नया खाका: ‘ग्रोथ हब’ की तैयारी
एक तरफ जहां सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ एमएमआरडीए ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के आर्थिक विस्तार की योजना भी तेज कर दी है। प्राधिकरण ने जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) से सरकारी जमीन मुहैया कराने की मांग की है।
इन जमीनों का क्या होगा?
- ग्रोथ हब का निर्माण: इन भूखंडों पर विशेष ‘ग्रोथ हब’ विकसित किए जाएंगे।
- रोजगार सृजन: इन हब के बनने से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।
- राजस्व वृद्धि: नए व्यापारिक केंद्रों के विकास से सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
मुलुंड की घटना ने विकास और सुरक्षा के संतुलन पर सवाल उठाए थे। एमएमआरडीए की यह त्वरित और सख्त कार्रवाई एक संदेश है कि मुंबई के बुनियादी ढांचे का विकास किसी की जान की कीमत पर नहीं होगा।




























