देश-विदेश

फेस्टिव सीजन में महंगाई का झटका! सीमेंट के दाम ₹15 प्रति बैग तक बढ़ने की संभावना, घर बनाना होगा महंगा

सीमेंट

फेस्टिव सीजन में घर बनाने या निर्माण कार्य कराने की योजना बना रहे लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है। सीमेंट की बढ़ती लागत के बीच कंपनियां अक्टूबर 2026 में प्रति बैग 10 से 15 रुपये तक कीमत बढ़ा सकती हैं। अगर कंपनियां यह बढ़ोतरी लागू करती हैं, तो मकान निर्माण से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक की लागत पर इसका असर पड़ सकता है।

एक ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट कंपनियां पिछले कई महीनों से बिजली, ईंधन और पैकेजिंग की बढ़ती लागत का सामना कर रही हैं। दूसरी ओर, बाजार में सीमेंट की मांग भी मजबूत बनी हुई है। ऐसे में कंपनियां बढ़े हुए खर्च की भरपाई के लिए कीमतों में एक और बढ़ोतरी करने पर विचार कर सकती हैं।

क्यों बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम?

सीमेंट उत्पादन में बिजली, ईंधन और कच्चे माल की अहम भूमिका होती है। पिछले 6 से 7 महीनों से ईंधन की बढ़ती कीमतें इस उद्योग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन की इनपुट लागत में प्रति टन लगभग 300 से 400 रुपये तक का अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

सीमेंट कंपनियों ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में प्रति बैग 10 से 15 रुपये तक कीमतें बढ़ाई थीं। हालांकि, यह बढ़ोतरी बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं रही। इसी वजह से अक्टूबर में कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

कच्चे तेल, कोयले और पैकेजिंग की लागत बढ़ने से दबाव

सीमेंट उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ईंधन की महंगी होती कीमतें हैं। रिपोर्ट में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी का जिक्र किया गया है। इसके अलावा, सीमेंट उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पेटकोक और आयातित कोयले की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पेटकोक और आयातित कोयले की स्पॉट कीमतें दूसरी तिमाही के औसत स्तर से क्रमशः लगभग 20 प्रतिशत और 16 प्रतिशत अधिक हैं। इनकी औसत कीमतें क्रमशः 175 डॉलर प्रति टन और 150 डॉलर प्रति टन बताई गई हैं।

इसके साथ ही, पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलीप्रोपाइलीन ग्रेन्यूल की कीमतें भी 135 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंचने की बात कही गई है। इन सभी कारणों से सीमेंट कंपनियों के कुल उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी हो रही है।

सीमेंट की मांग में कितनी तेजी आने की उम्मीद?

बढ़ती लागत के बावजूद सीमेंट उद्योग के लिए राहत की बात यह है कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में सीमेंट की बिक्री में साल-दर-साल आधार पर लगभग 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।

इस वृद्धि में नॉन-ट्रेड सेगमेंट की अहम भूमिका बताई गई है। नॉन-ट्रेड सेगमेंट में आमतौर पर बड़े निर्माण कार्यों, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और संस्थागत खरीदारों को सीधे होने वाली बिक्री शामिल होती है।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान जताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच सीमेंट की कुल मांग में लगभग 7 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) बनी रह सकती है।

अगले 18 महीनों तक मजबूत रह सकती है मांग

सीमेंट उद्योग के लिए आने वाले महीनों में निर्माण गतिविधियों का बढ़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्माण के व्यस्त सीजन में सड़क, भवन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से सीमेंट की खपत को समर्थन मिल सकता है।

इसके अलावा, चुनाव से पहले होने वाले विकास और निर्माण कार्य भी मांग को बढ़ावा दे सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अगले 18 महीनों में सीमेंट की मांग मजबूत रहने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक मांग सरकारी खर्च, निर्माण गतिविधियों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

सीमेंट कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है असर

सीमेंट की बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनियों के लिए मुनाफा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने और कीमतों में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं होने से कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि दूसरी तिमाही की कमाई पर इसका असर दिखाई दे सकता है। अधिक ईंधन खर्च और परिचालन संबंधी दबाव के कारण कंपनियों की प्रति टन कमाई में लगभग 200 से 250 रुपये तक की गिरावट आने की आशंका जताई गई है।

इसी संदर्भ में उद्योग को लागत के दबाव की भरपाई करने के लिए कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति बैग लगभग 10 रुपये की बढ़ोतरी लागत को संतुलित करने में मदद कर सकती है।

आम लोगों की जेब पर क्या पड़ेगा असर?

अगर अक्टूबर में सीमेंट कंपनियां प्रति बैग 10 से 15 रुपये तक कीमत बढ़ाती हैं, तो इसका सीधा असर घर बनाने वाले लोगों के बजट पर पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है, जिन्होंने मकान निर्माण का काम शुरू कर दिया है या आने वाले महीनों में निर्माण कराने की योजना बनाई है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 500 बैग सीमेंट खरीदता है, तो 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी से कुल खर्च 5,000 रुपये बढ़ जाएगा। वहीं, 15 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी होने पर अतिरिक्त खर्च 7,500 रुपये तक पहुंच सकता है।

हालांकि, वास्तविक कीमतों में बदलाव कंपनी, क्षेत्र, डीलर और स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

फिलहाल ध्यान देने वाली बात ये है कि अक्टूबर में सीमेंट की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी एक संभावित अनुमान है, न कि सभी कंपनियों की ओर से घोषित अंतिम फैसला। कीमतों में वास्तविक बदलाव कंपनियों के फैसलों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

You may also like