टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब क्रिकेट जगत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय टीम फिलहाल भारत में ही रुकी हुई है, क्योंकि दुबई एयरपोर्ट से संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हो गया है। इसके चलते खिलाड़ियों की घर वापसी की योजना अनिश्चितकाल के लिए टल गई है।
सुपर-8 में हार के बाद लौटने की थी तैयारी
जिम्बाब्वे ने सुपर-8 चरण के अपने अंतिम मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना किया था। इस हार के साथ ही टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सफर समाप्त हो गया। इसके बाद कप्तान सिकंदर रजा की अगुवाई वाली टीम स्वदेश लौटने की तैयारी में थी। खिलाड़ियों को दिल्ली से अलग-अलग उड़ानों के जरिए दुबई पहुंचकर वहां से जिम्बाब्वे के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी।
हालांकि, क्षेत्रीय हालात में अचानक बदलाव ने पूरी यात्रा योजना को प्रभावित कर दिया।
दुबई एयरपोर्ट संचालन पर असर
इजरायल–ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के कारण पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। दुबई एयरपोर्ट से संचालित कई उड़ानों के समय और रूट में बदलाव की खबरें सामने आई हैं। इसी वजह से जिम्बाब्वे टीम की वापसी फिलहाल रोक दी गई है।
जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स ने मौजूदा स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा योजना को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। हालांकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि मैदान पर खिलाड़ियों का ध्यान पूरी तरह मैच पर ही केंद्रित रहा।
खिलाड़ियों के सामने अनिश्चितता
टीम के ऑलराउंडर ग्रीम क्रीमर दुबई में रहते हैं, ऐसे में उनके लिए भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिम्बाब्वे के अधिकांश खिलाड़ियों को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी, जो वर्तमान परिस्थितियों में संभव नहीं हो पा रही है। इससे टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के सामने लॉजिस्टिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
ICC कर रहा वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मामले को गंभीरता से लिया है। बोर्ड की ओर से संकेत दिए गए हैं कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित तरीके से उनके देश पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा के रास्ते वापस भेजने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
अन्य टीमों पर भी असर
मौजूदा हालात का असर अन्य टीमों पर भी दिखाई दे रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने जा रही साउथ अफ्रीकी टीम के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि ICC और संबंधित एजेंसियां जल्द समाधान निकाल लेंगी।
खेल से बाहर की जंग का असर
क्रिकेट के मैदान से दूर चल रहा यह भू-राजनीतिक तनाव अब अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की व्यवस्थाओं को भी प्रभावित कर रहा है। जिम्बाब्वे टीम की घर वापसी फिलहाल इंतजार में है और अंतिम निर्णय क्षेत्रीय हालात और उड़ानों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के बीच ये घटनाक्रम दिखाता है कि वैश्विक राजनीति और सुरक्षा परिस्थितियां किस तरह खेल जगत को भी प्रभावित कर सकती हैं।





























