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Israel-Iran war: महाविनाश की दहलीज पर मध्य पूर्व; तेहरान पर इजरायली F-35 का कहर, अमेरिकी हमलों में ईरान का एयर डिफेंस ध्वस्त

Israel-Iran war: महाविनाश की दहलीज पर मध्य पूर्व; तेहरान पर इजरायली F-35 का कहर, अमेरिकी हमलों में ईरान का एयर डिफेंस ध्वस्त

Israel-Iran war: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। युद्ध के पांचवें दिन इजरायली वायुसेना के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स ने तेहरान के आसमान में घुसकर ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी हमलों ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और तेहरान, कोम समेत कई शहरों में तबाही की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे यह संघर्ष अब बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलने की आशंका बढ़ गई है।

तेहरान के आसमान में ‘स्टील्थ’ सर्जिकल स्ट्राइक
युद्ध के पांचवें दिन संघर्ष ने उस वक्त खतरनाक मोड़ ले लिया जब इजरायली वायुसेना के F-35 लाइटनिंग II (स्टील्थ लड़ाकू विमान) ने ईरानी राजधानी तेहरान की हवाई सीमा को लांघ दिया। रिपोर्टों के अनुसार, एक ऐतिहासिक हवाई डॉगफाइट में इजरायली F-35 ने ईरान के याक-130 (Yak-130) लड़ाकू विमान को मार गिराया। यह हमला ईरान के सैन्य मनोबल पर एक सीधी चोट है, क्योंकि तेहरान जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर के ऊपर इस तरह की कार्रवाई सुरक्षा में बड़ी सेंध मानी जा रही है।

प्रमुख सैन्य ठिकानों पर ‘प्रेसिजन’ अटैक
अमेरिकी और इजरायली गठबंधन ने मिलकर ईरान के रक्षा तंत्र की रीढ़ तोड़ने की रणनीति अपनाई है:

  • 2000 सैन्य लक्ष्य: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, अब तक लगभग 2000 ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
  • मिसाइल लॉन्चर और एयर डिफेंस: हमलों का मुख्य केंद्र ईरान की मिसाइल लॉन्चिंग साइट्स और रडार प्रणालियां रही हैं, ताकि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को सीमित किया जा सके।
  • पवित्र शहरों पर हमले: राजधानी तेहरान के अलावा, शिया आस्था के केंद्र ‘कोम’ (Qom) और अन्य महत्वपूर्ण शहरों पर भी हवाई हमले हुए हैं, जहाँ सरकारी टेलीविजन के अनुसार कई इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं।

तबाही के आंकड़े: मानवीय त्रासदी
युद्ध की कीमत हमेशा आम जनता को चुकानी पड़ती है। ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़े एक भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं:

क्षेत्रजनहानि (मौत)मुख्य प्रभाव
ईरान787नेतृत्व के ठिकाने नष्ट, रिहायशी इलाकों में भारी तबाही
इजरायल11मिसाइल हमलों के कारण नागरिक हताहत
खाड़ी देशपुष्टि जारीकुवैत, UAE और बहरीन में भी नागरिकों की मौत की खबर

क्षेत्रीय विस्तार और खाड़ी देशों पर असर
यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों में भी मौतों की खबरें चिंताजनक हैं। यह इस बात का संकेत है कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलें या उनके मलबे (Interception debris) पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहे हैं। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह ‘ऑपरेशन’ ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह निष्क्रिय करने तक जारी रह सकता है।

भविष्य की अनिश्चितता
इजरायल और अमेरिका की यह साझा कार्रवाई ईरान को एक ऐसे बिंदु पर ले आई है जहाँ उसे अपने अस्तित्व या पूर्ण युद्ध (Full-scale war) के बीच चुनाव करना होगा। मोजतबा खामेनेई के उत्तराधिकार की चर्चाओं के बीच, नेतृत्व पर ये हमले ईरान के आंतरिक राजनीतिक ढांचे को भी हिला सकते हैं।

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