महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लातूर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 6 की एक नाबालिग छात्रा का शव गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया।
हॉस्टल के कमरे में मिला छात्रा का शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा का शव हॉस्टल के कमरे में पलंग से लटका हुआ पाया गया। स्कूल प्रशासन द्वारा इसकी सूचना तुरंत पुलिस और परिजनों को दी गई। छात्रा पढ़ाई में होशियार और स्कूल गतिविधियों में सक्रिय बताई जा रही है, जिससे उसकी अचानक मौत ने सभी को हैरान कर दिया है।
आत्महत्या या साजिश?
मृत छात्रा के पिता लातूर जिले के औसा तालुका स्थित टाका गांव के निवासी हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। शुरुआती तौर पर ये आशंका जताई जा रही थी कि पढ़ाई के दबाव या मानसिक तनाव के चलते छात्रा ने आत्महत्या की होगी। हालांकि, परिजनों ने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
परिवार का आरोप है कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि एक साजिश हो सकती है और मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की जानी चाहिए। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी मानसिक रूप से मजबूत थी और ऐसा कदम उठाने का कोई कारण नहीं था।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही एमआईडीसी पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को लातूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम किया गया है। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है।
हॉस्टल स्टाफ, स्कूल के शिक्षक और अन्य छात्रों से पूछताछ की जा रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि छात्रा किन परिस्थितियों में थी और घटना से पहले क्या कुछ हुआ था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, अस्पताल में भावुक दृश्य
सरकारी अस्पताल में छात्रा के माता-पिता, दादा-दादी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
अभिभावकों में आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंच गए। कुछ माता-पिता ने आरोप लगाए कि स्कूल में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव डाला जाता है और अनुशासन के नाम पर कठोर व्यवहार किया जाता है, जिससे छात्र मानसिक तनाव में आ जाते हैं।
स्थिति को देखते हुए स्कूल परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
नवोदय विद्यालयों में छात्र सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद आवासीय विद्यालयों, खासकर नवोदय विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजरें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे ये साफ हो सके कि ये मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है।
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