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महाशक्ति बनता महाराष्ट्र: सिंगापुर और UAE को पीछे छोड़ने की तैयारी, दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

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महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति अब केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर भी अपनी धमक दिखा रही है। विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर जो आंकड़े पेश किए, वे एक स्वर्णिम भविष्य की ओर इशारा करते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि अगले दो से तीन वर्षों में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था सिंगापुर और यूएई जैसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ देगी।

1. वैश्विक दिग्गजों को मात दे रहा महाराष्ट्र

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ सदन को बताया कि महाराष्ट्र आज की तारीख में ऑस्ट्रिया, थाईलैंड, फिलीपींस, नार्वे, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

ग्लोबल रैंकिंग: यदि महाराष्ट्र एक स्वतंत्र देश होता, तो वह दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होता। यह उपलब्धि राज्य के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और निवेश के प्रति आकर्षण को दर्शाती है।

2. वित्तीय अनुशासन: नियमों के दायरे में विकास

विपक्ष द्वारा वित्तीय स्थिति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य की आर्थिक सेहत पूरी तरह से दुरुस्त है।

FRBM कानून का पालन: राज्य का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) और राजस्व घाटा (Revenue Deficit) वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन कानून (FRBM) द्वारा तय की गई सीमाओं के भीतर है।

प्रबंधन: मुख्यमंत्री के अनुसार, कर्ज लेने के बावजूद उसे चुकाने की क्षमता और विकास कार्यों में उसका सही उपयोग सरकार की प्राथमिकता रही है, जिससे विकास की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी।

3. ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ की ओर बढ़ते कदम

महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर (1 लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए:

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: समृद्धि महामार्ग, कोस्टल रोड और नए एयरपोर्ट्स जैसे प्रोजेक्ट्स अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहे हैं।

विदेशी निवेश (FDI): देश में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक बड़ा हिस्सा अकेले महाराष्ट्र को मिल रहा है।

4. भविष्य का रोडमैप: सिंगापुर-UAE से आगे निकलने की चुनौती

अगले 24 से 36 महीनों में सिंगापुर और यूएई जैसे व्यापारिक हब को पीछे छोड़ना एक बड़ा लक्ष्य है। इसके लिए सरकार फिनटेक, एआई (AI) और डेटा सेंटर्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भारी निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र केवल भारत का ‘ग्रोथ इंजन’ नहीं है, बल्कि अब वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की राह पर है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह संबोधन महाराष्ट्र के आत्मविश्वास का प्रतीक है। जब एक राज्य की तुलना दुनिया के सबसे समृद्ध देशों से होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि विकास की दिशा सही है। अब चुनौती इन लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करने की है, ताकि महाराष्ट्र न केवल भारत बल्कि एशिया का सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्र बन सके।

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