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Maharashtra Budget 2026: देवेन्द्र फडणवीस का ‘मास्टरस्ट्रोक’- कर्जमाफी से लेकर AI खेती तक, विकसित महाराष्ट्र का रोडमैप

Maharashtra Budget 2026
Maharashtra Budget 2026

Maharashtra Budget 2026: आज महाराष्ट्र के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। पूर्व वित्त मंत्री स्वर्गीय अजीत पवार के असामयिक निधन के बाद उत्पन्न परिस्थितियों में, देवेन्द्र फडणवीस राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभालते हुए स्वयं बजट सदन के पटल पर रखा। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 2047 तक महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक साहसिक छलांग है।

अन्नदाता को संबल: ऐतिहासिक कर्जमाफी और बिजली बिल से मुक्ति
बजट का सबसे बड़ा और लोकलुभावन हिस्सा किसानों के नाम रहा। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए तीन बड़े स्तंभ खड़े किए हैं:

  • कर्जमाफी की घोषणा: ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर किसान कर्जमाफी योजना’ के तहत 3 सितंबर 2025 तक के 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण को माफ करने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य के लाखों सीमांत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • मुफ्त बिजली का वादा: 7.5 HP तक के कृषि पंप चलाने वाले किसानों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें बिजली बिल के बोझ से स्थायी मुक्ति मिलेगी।
  • MahaVistar-AI: आधुनिक तकनीक को खेत तक पहुँचाते हुए 30 लाख किसानों को स्मार्टफ़ोन के जरिए मौसम और बाजार की सटीक जानकारी देने वाला AI प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा।

नारी शक्ति का सम्मान: ‘लाडकी बहिन’ को निरंतर सहारा
महिला सशक्तिकरण को बजट में प्राथमिकता देते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सामाजिक कल्याण की योजनाएं रुकेंगी नहीं:

  • माझी लाडकी बहिन योजना: इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए पर्याप्त फंड सुरक्षित किया गया है, ताकि महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता निर्बाध रूप से जारी रहे।
  • सस्ती यात्रा: एसटी बसों में महिलाओं को मिलने वाली 50% किराए की छूट को जारी रखा गया है, जो उनकी शिक्षा और रोजगार में सहायक सिद्ध हो रही है।

बुनियादी ढांचा: कंक्रीट की सड़कें और मेगा कनेक्टिविटी
महाराष्ट्र की रफ्तार को दोगुना करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश किया जा रहा है:

  • गांव-गांव तक पक्की सड़कें: 1,000 से अधिक आबादी वाले हर गांव को कंक्रीट की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
  • प्रोजेक्ट्स की समय सीमा: दक्षिण मुंबई को 2028 तक समृद्धि महामार्ग से जोड़ने और बांद्रा-वर्सोवा कोस्टल लिंक को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शिवड़ी-वर्ली कनेक्टर इसी साल सितंबर तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

औद्योगिक क्रांति और रोजगार का नया हब

  • गढचिरौली का कायाकल्प: नक्सल प्रभावित रहे गढचिरौली जिले में लौह अयस्क उद्योगों के लिए 2.62 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मील का पत्थर साबित होगा।
  • MSME और स्टार्टअप: छोटे उद्योगों के लिए अलग ‘कमिश्नरेट’ और वडाला में 130 एकड़ में फैला ‘स्टार्टअप सेंटर’ युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोलेगा।

सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन का ‘डिजिटल’ अवतार
राज्य के पर्यटन को 16 करोड़ से बढ़ाकर 38 करोड़ पर्यटकों तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है।

  • ज्योतिर्लिंग विकास: 5 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष योजना।
  • अजीत पवार स्मारक: पूर्व उपमुख्यमंत्री के सम्मान में स्मारक और उनके नाम पर पुरस्कारों की घोषणा कर सरकार ने उनकी राजनीतिक विरासत को सम्मान दिया है।

पर्यावरण और मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत
प्रदूषण कम करने के लिए बजट में ‘ग्रीन इंसेंटिव’ दिया गया है। पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर नए वाहनों के मोटर वाहन टैक्स में 16% से 30% तक की छूट दी जाएगी, जो मध्यम वर्ग के लिए नई गाड़ी खरीदना आसान बनाएगा।

संतुलित और दूरदर्शी बजट
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा पेश किया गया यह बजट एक तरफ ‘चुनावी लोकलुभावनवाद’ और दूसरी तरफ ‘आर्थिक अनुशासन’ का अद्भुत मिश्रण है। जहाँ किसानों और महिलाओं को सीधे नकद लाभ और कर्जमाफी दी गई है, वहीं बुनियादी ढांचे और AI तकनीक पर ध्यान देकर भविष्य के ‘विकसित महाराष्ट्र’ की नींव रखी गई है। यह बजट साबित करता है कि महाराष्ट्र अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिकता की दौड़ में सबसे आगे रहने के लिए तैयार है।

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