Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य का पहला बजट पेश कर अपनी नई पारी का आर्थिक रोडमैप दुनिया के सामने रख दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के निधन के बाद वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे फडणवीस ने इस बजट के जरिए न केवल राज्य की विकास प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया, बल्कि गठबंधन (महायुति) के भीतर ‘शक्ति संतुलन’ का भी संकेत दे दिया है।
बजट का राजनीतिक गणित: किसके हिस्से कितनी ‘शक्ति’?
बजट के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ झलकता है कि गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पलड़ा सबसे भारी है।
| पक्ष / दल | आवंटित राशि (करोड़ ₹) | प्रभाव |
|---|---|---|
| भाजपा (मंत्रियों के विभाग) | 1,30,147 | सबसे बड़ी हिस्सेदारी |
| राकांपा – अजित (मंत्रियों के विभाग) | 40,094 | दूसरे स्थान पर |
| शिवसेना – शिंदे (मंत्रियों के विभाग) | 38,076 | पिछले वर्ष की तरह सीमित आवंटन |
व्यक्तिगत स्तर पर देखें तो मुख्यमंत्री फडणवीस के अधीन आने वाले विभागों को 46,209 करोड़ रुपए मिले हैं, जो उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विभागों को 12,455 करोड़ और सुनेत्रा पवार के विभागों को 1,552 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
ऊर्जा और पर्यावरण: ‘ग्रीन’ महाराष्ट्र का सपना
बजट में सबसे अधिक ध्यान ऊर्जा विभाग पर केंद्रित किया गया है, जिसे 27,963 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि दी गई है।
हरित ऊर्जा (Green Energy): इस राशि का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा। यह कदम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्र: विकास की चौतरफा रणनीति
सरकार ने केवल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया है। बजट की सबसे ज्यादा निधि निम्नलिखित क्षेत्रों में बांटी गई है:
- महिला एवं बाल विकास: महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रावधान।
* पीडब्लूडी और नगर विकास: शहरों के कायाकल्प और सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए। - कृषि और ग्रामीण विकास: संकटग्रस्त खेती और ग्रामीण रोजगार को सहारा देने के लिए।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और स्वास्थ्य: सामाजिक न्याय और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए।
प्रशासनिक मजबूती
लोकतंत्र के मंदिर, यानी विधान भवन सचिवालय के सुचारू संचालन के लिए भी 568 करोड़ रुपए का विशेष आवंटन किया गया है, जो विधायी कार्यों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक कदम है।
चुनावी साल की आहट और आर्थिक संतुलन
यह बजट बताता है कि देवेंद्र फडणवीस ने एक कुशल रणनीतिकार की तरह वित्त विभाग की कमान संभाली है। जहाँ एक ओर भाजपा समर्थित विभागों को मजबूत कर उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति को पुख्ता किया है, वहीं हरित ऊर्जा और लोक कल्याणकारी विभागों को प्राथमिकता देकर जनता के बीच एक ‘विकास पुरुष’ की छवि को और गहरा करने की कोशिश की है।





























