महाराष्ट्र

Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र की आर्थिक उड़ान; 51 लाख करोड़ की इकोनॉमी बनेगा राज्य, 7.9% विकास दर का अनुमान

Maharashtra Budget 2026
Image Source - Web

Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में गुरुवार को पेश हुई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (2025-26) ने राज्य की आर्थिक सेहत की एक उत्साहजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र न केवल देश का आर्थिक पावरहाउस बना हुआ है, बल्कि लगातार पांचवें वर्ष अपनी विकास की रफ्तार को बरकरार रखने में सफल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की विकास दर 7.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।

51 लाख करोड़ का जादुई आंकड़ा
महाराष्ट्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में इस साल ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 51 लाख करोड़ रुपए के पार निकल जाएगा। इस उपलब्धि के पीछे रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह और तीनों प्रमुख क्षेत्रों (सेवा, उद्योग और कृषि) में दर्ज की गई सकारात्मक वृद्धि को मुख्य कारण माना जा रहा है।

सेक्टर-वार प्रदर्शन: सेवा क्षेत्र बना ‘ग्रोथ इंजन’
राज्य की इस विकास गाथा में ‘सर्विस सेक्टर’ सबसे आगे खड़ा है। विभिन्न क्षेत्रों की अनुमानित वृद्धि दर इस प्रकार है:

  • सेवा क्षेत्र (Service Sector): 9% की शानदार दर के साथ यह विकास की अगुआई कर रहा है। आईटी, फिनटेक और पर्यटन में आए उछाल ने इसे मजबूती दी है।
  • उद्योग क्षेत्र (Industry Sector): विनिर्माण और बुनियादी ढांचे में निवेश के चलते यहाँ 5.7% की वृद्धि अनुमानित है।
  • कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector): मानसून की अनुकूलता और कृषि सुधारों के दम पर प्राथमिक क्षेत्र में 3.4% की सकारात्मक बढ़त देखी जा रही है।

चुनौती: राजस्व संग्रह की धीमी रफ्तार
जहाँ एक ओर विकास दर के आंकड़े लुभावने हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के खजाने (राजस्व) को लेकर चिंता की लकीरें भी साफ दिख रही हैं। रिपोर्ट ने राजस्व संग्रह की धीमी गति को एक बड़ी चुनौती के रूप में चिन्हित किया है।

राजस्व का गणित:
  • दिसंबर 2025 तक संग्रह: अब तक राज्य के खाते में 3,71,575 करोड़ रुपए ही आए हैं।
  • लक्ष्य बनाम उपलब्धि: यह कुल वार्षिक बजट अनुमान का मात्र 66.2% है।
  • शेष चुनौती: वित्तीय वर्ष खत्म होने में केवल तीन महीने बचे हैं और सरकार को अभी 33.8% का राजस्व लक्ष्य हासिल करना है। यदि अगले तीन महीनों में कर वसूली में तेजी नहीं आई, तो विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण पर दबाव बढ़ सकता है।

सुदृढ़ बुनियादी ढांचा और भविष्य
रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन और संतुलित विकास दर यह दर्शाती है कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था झटकों को सहने और तेजी से उबरने में सक्षम है। हालांकि, अंतिम तिमाही में राजस्व संग्रह के लक्ष्य को प्राप्त करना सरकार के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसा होगा। यदि सरकार इस लक्ष्य को साध लेती है, तो 51 लाख करोड़ की यह इकोनॉमी भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर के सपने को पूरा करने में सबसे बड़ी भागीदार होगी।

मुख्य बिंदुविवरण
विकास दर7.9% (अनुमानित)
कुल GSDP₹51 लाख करोड़+
सबसे तेज सेक्टरसेवा क्षेत्र (9%)
राजस्व शेष33.8% (अगले 3 माह में)

You may also like