Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र की राजनीति और विकास के लिहाज से आने वाला महीना अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। राज्य की महायुति सरकार ने आगामी बजट अधिवेशन की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह अधिवेशन 23 फरवरी से 25 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें राज्य के आर्थिक भविष्य और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर मंथन होगा।
अधिवेशन का शेड्यूल: 20 दिन चलेगा सदन
मंगलवार को विधानमंडल की कामकाज सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में इस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया।
- बजट की तारीख: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को साल 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
- विशेष कार्य दिवस: शनिवार, 28 फरवरी को सरकारी अवकाश होने के बावजूद सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा।
- प्रमुख छुट्टियाँ: होली (2 मार्च), धुलेंडी (3 मार्च), गुढीपाडवा (19 मार्च) और 20 मार्च को सदन की कार्यवाही नहीं होगी।
अजित ‘दादा’ को दी जाएगी भावभीनी श्रद्धांजलि
इस अधिवेशन की शुरुआत एक अत्यंत भावुक माहौल में होगी। कामकाज सलाहकार समिति की बैठक में दिवंगत उपमुख्यमंत्री और पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार को याद किया गया।
- अधिवेशन के पहले ही दिन दोनों सदनों में उनके निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
- यह पहला बजट अधिवेशन होगा जहाँ अजित पवार की अनुपस्थिति खलेगी, जो दशकों तक राज्य की वित्त व्यवस्था का मुख्य चेहरा रहे हैं।
इन विशेष विषयों पर केंद्रित रहेगा सदन
बजट के अलावा, इस बार सदन में कुछ वैश्विक और सामाजिक मुद्दों पर विशेष चर्चा आयोजित की गई है:
- अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2026 को महिला किसानों के नाम किया है। इस उपलक्ष्य में सदन में महिला किसानों के योगदान और उनकी समस्याओं पर विशेष चर्चा होगी।
- विश्व महिला दिवस (9 मार्च): 8 मार्च को रविवार होने के कारण, 9 मार्च को दोनों सदनों में महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित विशेष सत्र होगा।
- मराठी भाषा गौरव दिवस: राज्य की मातृभाषा के सम्मान और उसके संवर्धन पर भी सदन में चर्चा की जाएगी।
- विदाई प्रस्ताव: विधान परिषद के उन 9 सदस्यों को विदाई दी जाएगी, जिनका कार्यकाल 13 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरे
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद सभापति राम शिंदे, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, संसदीय कार्यमंत्री चंद्रकांत पाटील सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
अधिवेशन न केवल महायुति सरकार के आर्थिक विजन को सामने रखेगा, बल्कि बदलते सामाजिक परिवेश में महिलाओं और किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा।































