महाराष्ट्र में शिवजयंती के पावन अवसर पर पुणे स्थित ऐतिहासिक शिवनेरी किले में आयोजित भव्य समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना में कई महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
कैसे बिगड़े हालात?
शिवजयंती के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिवभक्त शिवनेरी किले पर पहुंचे थे। सुबह से ही किले परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक संकरे मार्ग पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसे हालात बन गए।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब महिलाएं और छोटे बच्चे भीड़ में फंस गए। कई लोग गिर पड़े, जिससे कुछ लोगों को चोटें आईं।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। एंबुलेंस के जरिए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायलों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने क्या कहा?
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि भीड़ अपेक्षा से अधिक थी, जिसके कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ के कारण दबाव की स्थिति बन गई।
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को और सुदृढ़ करने की बात कही है।
शिवनेरी किले का महत्व
शिवनेरी किला छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है और शिवजयंती के अवसर पर यहां हर साल हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचते हैं। यह स्थान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्व और विशेष आयोजनों के दौरान आगंतुकों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए बेहतर योजना की आवश्यकता है।
शिवजयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
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