MMR (मुंबई महानगर क्षेत्र) की स्थानीय राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा। क्षेत्र की पाँच प्रमुख महानगरपालिकाओं—ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भायंदर, वसई-विरार और उल्हासनगर में महापौर और उपमहापौर के चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि जहाँ चार मनपा में महायुति (शिवसेना-शिंदे गुट और भाजपा) ने अपना परचम लहराया है, वहीं वसई-विरार में स्थानीय संगठन ‘बहुजन विकास आघाड़ी’ (BVA) ने अपना किला सुरक्षित रखा है।
सत्ता का समीकरण, कहाँ किसका कब्जा?
| महानगरपालिका | महापौर | पार्टी | उपमहापौर | पार्टी |
|---|---|---|---|---|
| ठाणे | शर्मिला पिंपलोलकर-गायकवाड | शिवसेना (शिंदे) | कृष्णा पाटील | भाजपा |
| कल्याण-डोंबिवली | हर्षाली थविल | शिवसेना (शिंदे) | राहुल दामले | भाजपा |
| मीरा-भायंदर | डिंपल मेहता | भाजपा | ध्रुवकिशोर पाटील | भाजपा |
| उल्हासनगर | अश्विनी कमलेश निकम | शिवसेना (शिंदे) | अमर लुंड | भाजपा |
| वसई-विरार | अजीव पाटील | BVA | मार्शल लोपिस | BVA |
मुख्य आकर्षण
- निर्विरोध चुनाव: ठाणे मनपा में सत्ता पक्ष का दबदबा इतना मजबूत रहा कि महापौर और उपमहापौर दोनों ही पदों पर चयन निर्विरोध संपन्न हुआ।
- मीरा-भायंदर में भाजपा का एकतरफा राज: यहाँ भाजपा ने किसी अन्य दल की सहायता के बिना अपनी स्पष्ट सत्ता बरकरार रखी और महापौर व उपमहापौर दोनों पदों पर कब्जा किया।
- BVA की मज़बूत पकड़: हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास आघाड़ी ने वसई-विरार में अपनी साख बचाए रखी और स्पष्ट बहुमत के साथ स्थानीय सत्ता पर काबिज हुई।
अब सबकी नजरें मुंबई (BMC) पर
पाँच मनपा के चुनाव संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है।
- 7 फरवरी: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि।
- 11 फरवरी: महापौर पद के लिए मतदान और निर्वाचन।
इन चुनावी नतीजों से स्पष्ट है कि ठाणे और आसपास के इलाकों में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा का गठबंधन मजबूत हुआ है। हालांकि, वसई-विरार जैसे क्षेत्रों में अभी भी स्थानीय दलों की जड़ों को हिलाना महायुति के लिए चुनौती बना हुआ है।































