महाराष्ट्र

नासिक केस में बड़ा धमाका: Ashok Kharat पर 5 नरबलि का शक, जांच तेज

Ashok Kharat
Image Source - web

महाराष्ट्र के नासिक में सामने आया कथित ढोंगी बाबा Ashok Kharat का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और गंभीर होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में अदालत ने उसकी पुलिस कस्टडी को 5 दिन के लिए और बढ़ा दिया है, जिससे जांच एजेंसियों को और समय मिल गया है।

कोर्ट में सनसनीखेज दावा

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया, जिसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया। उन्होंने कहा कि अशोक खरात (Ashok Khara) पर पांच ‘नरबलि’ देने का संदेह है। इस दावे के सामने आने के बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच जारी है और पुलिस सबूत जुटाने में लगी हुई है।

पीड़िता की शिकायत से खुला मामला

ये पूरा मामला तब सामने आया जब एक महिला ने अशोक खरात (Ashok Khara) के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे।

जांच के दौरान पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें करीब 100 वीडियो होने की जानकारी सामने आई है। इन वीडियो की जांच की जा रही है, जिससे मामले से जुड़े और सबूत मिल सकते हैं।

तलाशी में मिले हथियार और दस्तावेज

पुलिस ने खरात के घर की तलाशी के दौरान एक पिस्टल बरामद की है। सरकारी वकील का दावा है कि इसी हथियार का इस्तेमाल कथित तौर पर अपराधों में किया गया हो सकता है। इसके अलावा उसकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे ये संकेत मिलता है कि उसने कई लोगों को आर्थिक रूप से भी ठगा हो सकता है।

यौन शोषण के आरोपों की जांच

अदालत में यह भी बताया गया कि बरामद वीडियो में कुछ आपत्तिजनक सामग्री हो सकती है, जिनमें महिलाओं के शोषण से जुड़े दृश्य होने की आशंका है। फिलहाल, इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

वन्यजीव शिकार का भी शक

जांच एजेंसियां इस मामले के अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही हैं। जानकारी के अनुसार, अशोक खरात पर कस्तूरी हासिल करने के लिए हिरण का शिकार करने का भी शक है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि वह सांप जैसे जीव कहां से लाता था और उनका इस्तेमाल किस तरह करता था।

जांच के लिए बढ़ाई गई कस्टडी

पुलिस ने अदालत से अधिक समय की मांग की थी, ताकि सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा सके और पूरे नेटवर्क की जांच की जा सके। इसी आधार पर अदालत ने पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी मंजूर की है।

बड़ा सवाल: अंधविश्वास और सिस्टम पर उठे सवाल

ये मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने समाज में फैले अंधविश्वास और उसके दुरुपयोग को उजागर किया है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक ऐसे व्यक्ति की गतिविधियां कैसे नजरअंदाज होती रहीं।

अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है, जो इस पूरे मामले की गहराई तक जाने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल इतना साफ है कि यह मामला महाराष्ट्र के सबसे गंभीर और संवेदनशील मामलों में से एक बन चुका है।

ये भी पढ़ें: Maharashtra में बाघों की मौत पर गंभीर सवाल: 12 साल में 298 मौतें, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

You may also like