देश-विदेश

मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट: ईरान के ‘नंबर 2’ अली लारीजानी की मौत का दावा, प्रतिशोध में ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी ठिकानों को दहलाया

ईरान
Image Source - Web

तेहरान/यरूशलम: अमेरिका और इजराइल के साथ जारी भीषण युद्ध के 18वें दिन ईरान को अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक झटका लगा है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को सनसनीखेज दावा किया कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और देश के दूसरे सबसे शक्तिशाली शख्स अली लारीजानी को तेहरान में एक सटीक हमले में मार गिराया गया है। इस खबर ने पूरे मध्य-पूर्व में बारूद के ढेर पर चिंगारी का काम किया है।

कौन थे अली लारीजानी और क्यों अहम थी उनकी मौत?
67 वर्षीय अली लारीजानी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के केंद्र बिंदु थे।
* सत्ता का संतुलन: पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद, लारीजानी ही वह शख्स थे जो ट्रांजिशनल काउंसिल के माध्यम से देश की कमान संभाल रहे थे।

* नंबर 2 की हैसियत: वर्तमान सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (अयातुल्ला के बेटे) के गंभीर रूप से घायल होने की खबरों के बीच, लारीजानी व्यावहारिक रूप से ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता बन चुके थे।
* इनाम और ट्रैकिंग: 13 मार्च को तेहरान की कुर्ट्स रैली में दिखने के बाद से ही वे अमेरिका के रडार पर थे। अमेरिका ने उन पर 92 करोड़ रुपये के भारी-भरकम इनाम की घोषणा कर रखी थी।

बसीज फोर्स का नेतृत्व भी ध्वस्त
इजराइल ने केवल लारीजानी ही नहीं, बल्कि ईरानी सेना की रीढ़ मानी जाने वाली वॉलेंटियर बसीज फोर्स (Basij Force) के प्रमुख घोलाम रेजा सलेमानी को भी मार गिराने का दावा किया है। एक साथ दो शीर्ष कमांडरों का मारा जाना ईरान के सैन्य ढांचे के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

प्रतिशोध की आग: 59वीं मिसाइल खेप से भीषण पलटवार
लारीजानी की मौत की खबरों ने ईरानी सेना को आक्रोश से भर दिया है। ईरान ने बिना देरी किए अपनी घातक मिसाइलों की 59वीं खेप से इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर चौतरफा हमला बोल दिया:
निशाना (Target) स्थान विवरण
इजराइल और यरूशलम इजराइल मुख्य सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार
अली अल सलेम एयर बेस | कुवैत अमेरिकी वायुसेना के बेस को निशाना बनाया
फुजैराह यूएई रणनीतिक बंदरगाह क्षेत्र में हमला
इरबिल ठिकाने इराक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर मिसाइल दाग़ीं
सस्पेंस और सोशल मीडिया: लारीजानी का आखिरी संदेश
दिलचस्प बात यह है कि अपनी कथित मौत से कुछ ही समय पहले, लारीजानी ने अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर एक हाथ से लिखी श्रद्धांजलि पोस्ट की थी। यह संदेश उन ईरानी नाविकों के लिए था जो अमेरिकी पनडुब्बी हमले में मारे गए थे। हालांकि ईरान ने अभी तक लारीजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इजराइल का दावा और ईरान का आक्रामक पलटवार कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है।

विशेषज्ञों की राय: यदि लारीजानी की मौत की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के लिए ‘कौम के पतन’ जैसी स्थिति होगी। मुज्तबा खामेनेई की बीमारी और लारीजानी की अनुपस्थिति ईरान में नेतृत्व का बड़ा शून्य पैदा कर सकती है, जिसका सीधा फायदा अमेरिका-इजराइल गठबंधन को मिलेगा।

वर्तमान स्थिति:
पूरा क्षेत्र अब एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध की कगार पर खड़ा है। ईरान की मिसाइलें अब केवल इजराइल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद हर अमेरिकी ठिकाने को निशाना बना रही हैं।

ये भी पढ़ें: डिग्रियां लाखों, नौकरियां मुट्ठी भर: देश के 1.1 करोड़ स्नातक बेरोजगार, 25 साल से कम उम्र वालों के लिए स्थिति और भी विकट

You may also like