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हर स्किन के लिए सही नहीं होता मुलतानी मिट्टी, जानें किसे लगाना चाहिए और किसे नहीं

मुलतानी मिट्टी
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मुलतानी मिट्टी को त्वचा के लिए एक नेचुरल क्लेंजर और टोनर माना जाता है। इसका फेस पैक लगाने से त्वचा की टोनिंग होती है और स्किन टाइट महसूस होती है। इसके तत्व त्वचा को साफ करने के साथ-साथ उसे फ्रेश और यंग लुक देने में मदद करते हैं।

जिन लोगों की त्वचा पर अत्यधिक ऑयल निकलता है, उन्हें पिंपल्स और मुंहासों की समस्या ज्यादा होती है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखकर त्वचा को संतुलित बनाने में मदद करती है। ऑयली स्किन वालों को अक्सर मुल्तानी मिट्टी में एलोवेरा जेल मिलाकर लगाने की सलाह दी जाती है, जिससे त्वचा में नमी भी बनी रहती है।

प्रदूषण, धूल-मिट्टी और खराब खानपान के कारण त्वचा पर फोड़े-फुंसी या जलन की समस्या हो सकती है। मुल्तानी मिट्टी का कूलिंग इफेक्ट त्वचा को राहत देने में सहायक होता है।

मुल्तानी मिट्टी से जुड़े आम मिथक

मुल्तानी मिट्टी को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि इसे रोजाना चेहरे पर लगाने से ज्यादा फायदा मिलेगा। जबकि सच्चाई यह है कि रोज इस्तेमाल करने से त्वचा की नमी कम हो सकती है। इससे स्किन ड्राई होने लगती है, रेडनेस आ सकती है और कुछ मामलों में पीलिंग भी हो सकती है। इसलिए सप्ताह में एक या दो बार से ज्यादा इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

एक और मिथक ये है कि मुल्तानी मिट्टी हर तरह की त्वचा पर सूट करती है। भले ही ये नेचुरल है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि ये सभी स्किन टाइप के लिए सुरक्षित है। जिन लोगों की त्वचा ड्राई या सेंसिटिव है, उन्हें इसे लगाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। ये त्वचा से अतिरिक्त तेल सोखती है, जिससे पहले से ड्राई त्वचा और अधिक रूखी हो सकती है। वहीं सेंसिटिव स्किन पर जलन या खुजली की समस्या भी हो सकती है।

कई लोग ये मानते हैं कि मुल्तानी मिट्टी ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स हटाने में कारगर है। जबकि ये सीधे तौर पर इन्हें खत्म नहीं करती। ये त्वचा को टाइट जरूर करती है, लेकिन ब्लैकहेड्स हटाने के लिए एक्सफोलिएशन जरूरी होता है। इसके लिए रेटिनॉइड या सैलिसिलिक एसिड जैसे तत्व अधिक प्रभावी माने जाते हैं।

एक और आम धारणा है कि मुल्तानी मिट्टी लगाने से पिगमेंटेशन और डार्क स्पॉट्स पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। वास्तव में ये त्वचा को साफ और फ्रेश दिखाने में मदद करती है, लेकिन गहराई में मौजूद दाग-धब्बों को पूरी तरह नहीं हटाती। पिगमेंटेशन कम करने के लिए विटामिन सी युक्त उत्पाद और संतुलित आहार ज्यादा लाभकारी होते हैं।

किन लोगों को नहीं लगानी चाहिए मुल्तानी मिट्टी?

जिनकी त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई है, उन्हें मुल्तानी मिट्टी से बचना चाहिए या फिर सीमित मात्रा में और मॉइस्चराइजिंग तत्वों के साथ ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए। सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इससे जलन हो सकती है। यदि किसी को त्वचा संबंधी गंभीर समस्या है, जैसे एक्जिमा या रोसेशिया, तो डॉक्टर की सलाह के बिना मुल्तानी मिट्टी का उपयोग नहीं करना चाहिए।

मुल्तानी मिट्टी एक प्रभावी और प्राकृतिक स्किन केयर उपाय है, लेकिन इसे सही तरीके और सही स्किन टाइप के अनुसार ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके फायदों के साथ-साथ इससे जुड़े मिथकों को समझना भी जरूरी है, ताकि त्वचा को अनजाने में नुकसान न पहुंचे। नेचुरल होने का मतलब यह नहीं कि हर चीज हर किसी के लिए सुरक्षित हो। समझदारी और सही जानकारी के साथ ही मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करें।

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