मुंबई। मायानगरी की सड़कों पर रफ़्तार के शौकीनों का खतरनाक खेल अब जानलेवा साबित हो रहा है। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर मंगलवार, 17 मार्च की तड़के करीब 50-60 बाइक सवारों के एक बेलगाम समूह ने जमकर उत्पात मचाया। स्टंटबाजी और रैश ड्राइविंग के जरिए दहशत फैलाने वाले इन युवकों ने हद तो तब पार कर दी, जब उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को ही बाइक से कुचलने का प्रयास किया। इस सनसनीखेज मामले में वाकोला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
1. कंट्रोल रूम की सूचना और पुलिस की घेराबंदी
घटना की शुरुआत 17 मार्च की सुबह हुई, जब मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बाइक सवारों का एक बड़ा झुंड खतरनाक तरीके से गाड़ियां चला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हेड कॉन्स्टेबल सतीश विलास तोडणकर (46) और उनकी टीम अलर्ट हो गई। पुलिस ने आग्रीपाडा और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर इन स्टंटबाजों को रोकने की कोशिश की।
2. पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला
जैसे ही पुलिस टीम ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया, समूह में शामिल युवक और अधिक आक्रामक हो गए। अपनी रफ़्तार कम करने के बजाय, एक बाइक सवार ने सीधे हेड कॉन्स्टेबल तोडणकर की दिशा में अपनी गाड़ी बढ़ा दी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इस हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे, लेकिन आरोपियों की इस हिमाकत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
3. वाकोला पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 2 गिरफ्तार
हुड़दंग मचाने के बाद आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वाकोला पुलिस ने पीछा कर दो आरोपियों को दबोच लिया।
* दर्ज मामले: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और रैश ड्राइविंग का केस दर्ज किया है।
* तलाश जारी: पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए उस समूह में शामिल अन्य 50 से अधिक बाइक सवारों की पहचान करने में जुटी है।
4. हाईवे पर ‘डेथ रेस’ का बढ़ता आतंक
मुंबई के वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे रात के समय स्टंटबाजों के लिए ‘रेसिंग ट्रैक’ बनते जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात 2 बजे के बाद इन इलाकों में तेज आवाज़ वाले साइलेंसर और चीखते टायरों का शोर आम हो गया है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद, युवाओं में कानून का खौफ कम होता नजर आ रहा है।
5. निष्कर्ष: सख्त संदेश जरूरी
यह घटना पुलिस के मनोबल को प्रभावित करने वाली है। ड्यूटी पर तैनात जवान की जान जोखिम में डालना यह दर्शाता है कि स्टंटबाजी अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपराध का रूप ले चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि वाहनों को स्थायी रूप से जब्त करने और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।































