महाराष्ट्र

Nagpur SBL Blast: SBL एनर्जी फैक्ट्री में धमाकों की गूँज, 18 मजदूरों के चीथड़े उड़े; मातम में बदली सुबह

Nagpur SBL Blast
Nagpur SBL Blast

Nagpur SBL Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक रूह कपा देने वाली खबर सामने आई है। काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल (SBL) एनर्जी कंपनी में रविवार सुबह हुए सिलसिलेवार विस्फोटों ने 18 परिवारों के चिराग बुझा दिए। सुबह करीब 6:40 बजे, जब दुनिया जाग रही थी, फैक्ट्री की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुए तीन भीषण धमाकों ने पूरे इलाके को थर्रा दिया। इस हादसे में 18 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, जबकि 24 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

धमाकों की त्रयी: एक मिनट में सब राख
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

  • सिलसिलेवार विस्फोट: पैकिंग यूनिट में एक के बाद एक तीन धमाके हुए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यूनिट की छत उड़ गई और वहां काम कर रहे मजदूरों के शव क्षत-विक्षत होकर दूर जा गिरे।
  • मजदूरों की स्थिति: रविवार की शिफ्ट होने के कारण यूनिट में भारी संख्या में मजदूर तैनात थे। घायलों में कई की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

युद्धस्तर पर रेस्क्यू और जांच का घेरा
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुँची टीमों का विवरण इस प्रकार है:

  • राहत कार्य: NDRF और SDRF की टीमों ने मलबे से शवों को निकालने का काम शुरू किया।
  • तकनीकी जांच: पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की टीमें यह जांच कर रही हैं कि विस्फोट का असल कारण क्या था।
  • फॉरेंसिक साक्ष्य: फॉरेंसिक विशेषज्ञों और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई।

मुआवजे का ऐलान और शोक की लहर

घोषणाकर्तासहायता राशि (मृतक परिवार)सहायता राशि (घायल)
Prime Minister’s National Relief Fund (PMNRF)₹2 लाख₹50,000
Maharashtra Government₹5 लाखमुफ्त इलाज का आश्वासन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “नागपुर के कारखाने में हुए विस्फोट में जानमाल की हानि से मैं अत्यंत दुखी हूँ। संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की उच्चस्तरीय और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनी प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ गई है:

  • क्या विस्फोटक सामग्री की पैकिंग के दौरान निर्धारित सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?
  • क्या यूनिट में क्षमता से अधिक विस्फोटक जमा किया गया था?
  • क्या मजदूरों को जोखिम भरे काम के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण दिए गए थे?

देर शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। अपनों को खोने वाले परिजनों की चीख-पुकार से पूरा राउलगांव क्षेत्र गमगीन है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे दबे किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को बचाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।

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