महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, महायुति सरकार ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से रिक्त हुए पद को भरने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को राज्य का नया उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया गया है। वे महाराष्ट्र के इतिहास में इस पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी।
विधायक दल की बैठक और शपथ ग्रहण
सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने पार्टी की ओर से मिले इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। राजनीतिक सरगर्मी के बीच आज यानी शनिवार दोपहर 2 बजे राकांपा (अजित) के विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को आधिकारिक तौर पर विधायक दल का नेता चुना जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और माना जा रहा है कि शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी।
सत्ता का समीकरण और पोर्टफोलियो
सुनेत्रा पवार के मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ ही विभागों के बंटवारे की तस्वीर भी साफ होती दिख रही है:
- आबकारी (Excise) और खेल मंत्रालय: ये दो महत्वपूर्ण विभाग सुनेत्रा पवार अपने पास रखेंगी।
- वित्त मंत्रालय: आगामी बजट सत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा। संभावना है कि बजट सत्र के संपन्न होने के बाद यह विभाग पुनः राकांपा (अजित) को सौंप दिया जाए।
पवार परिवार और भाजपा का रुख
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि इस कठिन समय में भाजपा और राज्य सरकार पूरी तरह से पवार परिवार और उनकी पार्टी के साथ खड़ी है। फडणवीस ने कहा, “अजित गुट जो भी फैसला लेगा, उसे हमारा पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।”
पर्दे के पीछे की रणनीति
खबरों के मुताबिक, इस निर्णय तक पहुँचने से पहले पवार परिवार के भीतर गहन मंथन हुआ। राकांपा (अजित) के राजनीतिक रणनीतिकार और कंपनी मालिक नरेश अरोरा ने सुनेत्रा पवार और उनके दोनों बेटों, पार्थ एवं जय, के साथ लंबी बैठक की। इस रणनीतिक चर्चा के बाद ही सुनेत्रा पवार ने इस बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के लिए अपनी सहमति दी।
सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना न केवल महायुति गठबंधन को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि महाराष्ट्र की महिला राजनीति के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। अब सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं।































