मुंबई

मुंबई में कबूतरों को दाना डालने के लिए सिर्फ 4 जगह और 2 घंटे की अनुमति; BMC ने दिया अंतरिम फैसला

मुंबई
Image Source - Web

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद मुंबई में सभी मौजूदा कबूतरखाने पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। कोर्ट ने शहर में कबूतरों की बढ़ती संख्या, गंदगी और नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए ये कदम उठाया था। अब बृहनमुंबई महानगरपालिका ने अंतरिम व्यवस्था के तहत चार नए स्थानों पर कबूतरों को दाना डालने की सीमित अनुमति दी है, लेकिन सिर्फ सुबह 7 बजे से 9 बजे तक। ये अनुमति तभी लागू होगी जब कोई स्वयंसेवी संस्था इन स्थानों के प्रबंधन की जिम्मेदारी लेगी।

BMC ने शहर के चार अलग-अलग जोन में खुले और सुरक्षित स्थानों को चुना है ताकि वाहनों, पैदल यात्रियों और आसपास के निवासियों को कोई परेशानी न हो। ये स्थान हैं जी दक्षिण क्षेत्र में वर्ली जलाशय के पास, मैंग्रोव क्षेत्र में लोखंडवाला बैक रोड पर वेसावे एसटीपी परियोजना के पास अंधेरी पश्चिम, टी जोन में क्रीक क्षेत्र ओल्ड ऐरोली-मुलुंड जकात नाका ऐरोली-मुलुंड लिंक रोड के पास मुलुंड और आर सेंट्रल जोन में गोराई मैदान के पास बोरीवली पश्चिम। इन चारों जगहों पर कबूतरों को दाना डालने की अनुमति केवल सुबह 7 से 9 बजे तक होगी। इसके अलावा किसी भी समय दाना डालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

BMC ने साफ कहा है कि ये कबूतरखाने तभी शुरू होंगे जब कोई गैर-सरकारी संगठन या स्वयंसेवी संस्था आगे आएगी और प्रबंधन की जिम्मेदारी लेगी। संस्था को कबूतरों को नियंत्रित मात्रा में दाना डालना होगा और दाना डालने से वाहनों, पैदल यात्रियों या आसपास के लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। स्थान पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करनी होगी और नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा बीएमसी को शपथ पत्र भी देना होगा कि सभी नियमों का पालन होगा। हर जोन के सहायक आयुक्त को इन कबूतरखानों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो निगरानी और शिकायत निवारण का काम देखेंगे।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कबूतरखानों से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पाया कि शहर में सैकड़ों कबूतरखाने अनियंत्रित तरीके से चल रहे थे। इनसे गंदगी, बीमारियां, यातायात बाधा और संपत्ति को नुकसान हो रहा था। कोर्ट ने बीएमसी को सभी कबूतरखाने तत्काल बंद करने और नागरिकों से सुझाव मांगने का आदेश दिया। BMC को कुल 9779 सुझाव, आपत्तियां और शिकायतें मिलीं, जिनमें कबूतरखानों को पूरी तरह बंद करना, नियंत्रित और स्वच्छ तरीके से संचालन, सीमित समय और स्थान पर दाना डालने की अनुमति और कबूतरों की संख्या नियंत्रित करने के उपाय शामिल थे। इन सुझावों के आधार पर BMC ने ये अंतरिम व्यवस्था लागू की है। कोर्ट अब अंतिम निर्णय लेने से पहले और सुझावों पर विचार करेगा।

नागरिकों के लिए जरूरी सूचना ये है कि पुराने कबूतरखानों पर दाना डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नए स्थानों पर भी सुबह 7 से 9 बजे के अलावा दाना डालने पर जुर्माना हो सकता है। अगर आपको कबूतरों से परेशानी हो रही है, तो अपने वार्ड के सहायक आयुक्त या BMC हेल्पलाइन 1916 पर शिकायत करें।

मुंबई में कबूतर प्रेम और शहर की स्वच्छता के बीच संतुलन बनाने की ये पहल है। बीएमसी का ये कदम न सिर्फ कोर्ट के आदेश का पालन करता है, बल्कि नागरिकों की शिकायतों का भी सम्मान करता है। लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वयंसेवी संस्थाएं कितनी जिम्मेदारी से काम करती हैं। आप क्या सोचते हैं? क्या ये व्यवस्था कारगर होगी? या कबूतरखानों को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।

ये भी पढ़ें: ‘मुझे प्रेग्नेंट करो’ विज्ञापन देख ठगे गए पुणे के कॉन्ट्रैक्टर, साइबर ठगों ने लूटे 11 लाख रुपये

You may also like