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विपक्ष पस्त, एनडीए मस्त: बिहार में महागठबंधन की सेंधमारी और ओडिशा में क्रॉस वोटिंग ने पलटी बाजी।

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नई दिल्ली: देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर हुए हालिया चुनावी दंगल ने भारतीय राजनीति की वर्तमान दिशा स्पष्ट कर दी है। जहाँ 26 सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध चयन हुआ, वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर हुई वोटिंग ने हाई-वोल्टेज ड्रामा पेश किया। अंततः, बेहतर चुनावी प्रबंधन और विपक्षी खेमे में बिखराव के चलते एनडीए ने अपनी बढ़त बनाए रखी।

बिहार: महागठबंधन में ‘सुराख’ और एनडीए की पांचवीं जीत
बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व का सामंजस्य भारी पड़ा। बिहार की सीटों पर हुए मुकाबले में एनडीए ने अपने पांचों उम्मीदवारों को जीत दिलाने में सफलता हासिल की।

इस जीत की सबसे बड़ी वजह विपक्षी महागठबंधन में लगी सेंध रही। मतदान के दौरान कांग्रेस के 3 और राजद (RJD) का 1 विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे। विधायकों की इस अनुपस्थिति ने एनडीए के पांचवें प्रत्याशी की राह न केवल आसान कर दी, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि विपक्ष के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सक्रियता और नीतीश कुमार के रणनीतिक कौशल ने एनडीए के किले को अभेद्य बनाए रखा।

ओडिशा: क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा बीजद का गणित
ओडिशा में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा, जहाँ ‘क्रॉस वोटिंग’ ने नतीजों को प्रभावित किया। नवीन पटनायक की पार्टी बीजद (BJD) को यहाँ बड़ा झटका लगा। भाजपा ने अपनी रणनीति से न केवल अपने 2 प्रत्याशियों को जीत दिलाई, बल्कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भी बाजी मारने में सफल रहे। बीजद के खाते में मात्र 1 सीट आई, जो राज्य की सत्ताधारी पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय है।

हरियाणा: देर रात तक सस्पेंस
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव की मतगणना तकनीकी कारणों और आपत्तियों की वजह से देर रात तक रुकी रही। यहाँ मुकाबला इतना कड़ा था कि हर एक वोट की गिनती पर दोनों पक्षों की नजरें टिकी रहीं।

इन चुनावों ने स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए न केवल अपने संख्या बल को सहेजने में माहिर है, बल्कि वह विपक्षी खेमे की कमजोर कड़ियों को पहचानने में भी सफल रही है। 26 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन यह दर्शाता है कि कई राज्यों में विपक्ष ने बिना लड़े ही हथियार डाल दिए थे, जबकि जहां मुकाबला हुआ, वहां रणनीति ने परिणामों को तय किया।

मुख्य बिंदु एक नजर में:
कुल सीटें: 37 (10 राज्य)
निर्विरोध: 26 सीटें
बिहार का हाल: एनडीए के सभी 5 उम्मीदवार जीते; विपक्ष के 4 विधायक नदारद।
ओडिशा का हाल: भाजपा + निर्दलीय को 3 सीटें, बीजद को 1।

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