महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। राज्य के विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और “वोट चोरी” के आरोपों के खिलाफ एकजुट होकर ‘सत्याचा मोर्चा’ यानी ‘सत्य का मोर्चा’ निकालने का ऐलान किया है। इस मोर्चे का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना और राज्य निर्वाचन आयोग की निष्क्रियता पर सवाल उठाना है।
मुंबई में निकलेगा ‘सत्य का मोर्चा’
ये मोर्चा आज, शनिवार 1 नवंबर, दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू होकर BMC मुख्यालय तक पहुंचेगा। आयोजन को लेकर विपक्षी दलों ने व्यापक तैयारियां की हैं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
मोर्चे की घोषणा गुरुवार को मुंबई के वाई. बी. चव्हाण सेंटर में हुई एक अहम बैठक के बाद की गई थी। बैठक में महाराष्ट्र की प्रमुख विपक्षी ताकतें – शरद पवार (NCP शरद पवार गुट), उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT), राज ठाकरे (मनसे) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एक साथ नजर आए।
इस बैठक में एनसीपी (एसपी) के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड, कांग्रेस नेता नसीम खान, सचिन सावंत, भाकपा के प्रकाश रेड्डी, और पीडब्ल्यूपी के जयंत पाटील भी मौजूद रहे।
“जनता सच्चाई जानेगी और झूठ उजागर होगा”
शिवसेना (UBT) के विधायक अनिल परब ने कहा, “हम 1 नवंबर को सत्याचा मोर्चा निकालेंगे। ये मोर्चा वोट चोरी, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और राज्य निर्वाचन आयोग की निष्क्रियता के खिलाफ है। जनता सच्चाई जानेगी और झूठ उजागर होगा।”
गौरतलब है कि विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं, जिससे आगामी नगर निगम और स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी के अभियान से जुड़ा है ये मोर्चा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले से ही “वोट चोरी” के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पारदर्शिता की कमी रही।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन सावंत ने बताया कि ये संयुक्त मोर्चा राहुल गांधी के अभियान का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता इस मार्च में शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं किया कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल इसमें शामिल होंगे या नहीं।
सावंत ने ये भी बताया कि उद्धव ठाकरे ने सपकाल से फोन पर बातचीत कर मोर्चे की तैयारियों पर चर्चा की है।
महाराष्ट्र में आने वाले महीनों में कई नगर निगमों और स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं। ऐसे में विपक्षी दलों का ये आरोप कि “मतदाता सूचियों में जानबूझकर गड़बड़ियां की जा रही हैं”, राज्य की राजनीति को और गरमाने वाला है।
आज का ये ‘सत्य का मोर्चा’ न सिर्फ विपक्ष की एकजुटता का प्रदर्शन है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत देता है, जहां विपक्ष “सच्चाई” के नाम पर सत्ता पक्ष के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करेगा।
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