महाराष्ट्र

अंधेरी ईस्ट में बदले सियासी समीकरण, मनसे के सैकड़ों कार्यकर्ता शिंदे गुट में शामिल

मनसे
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के साथ संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को अंधेरी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संतोष धुरी के बाद अब सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम से मनसे की स्थानीय राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

अंधेरी ईस्ट में तेज हुई राजनीतिक हलचल

अंधेरी ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में हुई इस बड़ी टूट ने स्थानीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार, मनसे से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने औपचारिक रूप से शिवसेना शिंदे गुट की सदस्यता ग्रहण की। ये शामिल होना एक संगठित कार्यक्रम के तहत हुआ, जिसमें शिवसेना के स्थानीय नेतृत्व की मौजूदगी भी रही।

विधायक मुरजी पटेल की मौजूदगी में हुआ प्रवेश

इस मौके पर अंधेरी ईस्ट के शिवसेना विधायक मुरजी पटेल स्वयं उपस्थित रहे। उन्हीं के हाथों मनसे से आए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिंदे गुट में प्रवेश किया। इससे साफ संकेत मिलता है कि शिंदे गुट क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

मनसे की संगठनात्मक ताकत पर असर

अंधेरी ईस्ट में मनसे लंबे समय से अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। पार्टी की स्थानीय इकाई ने कई आंदोलनों और मुद्दों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास किया था। हालांकि, हालिया घटनाक्रम से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। जिन चेहरों को क्षेत्र में मनसे की पहचान माना जाता था, उनका दूसरे दल में जाना पार्टी के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

पहले भी दिखे थे टूट के संकेत

ये पहला मौका नहीं है जब अंधेरी ईस्ट में मनसे को नुकसान उठाना पड़ा हो। कुछ दिन पहले ही मनसे के अंधेरी ईस्ट विधानसभा डिवीजन अध्यक्ष रोहन सावंत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों शिवसेना शिंदे गुट की सदस्यता ली थी। उसी समय से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि मनसे के और भी नेता व कार्यकर्ता उनका अनुसरण कर सकते हैं, जो अब सच साबित होता नजर आ रहा है।

शिंदे गुट की रणनीतिक बढ़त

इस पूरे घटनाक्रम से ये स्पष्ट होता है कि शिवसेना शिंदे गुट अंधेरी ईस्ट में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, मनसे के लिए ये आत्ममंथन का दौर माना जा रहा है कि पार्टी से जुड़े नेता और कार्यकर्ता लगातार दूसरे दलों की ओर क्यों रुख कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में अंधेरी ईस्ट की राजनीति में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो न केवल स्थानीय समीकरणों को प्रभावित करेंगे, बल्कि मुंबई की व्यापक राजनीतिक तस्वीर पर भी असर डाल सकते हैं।

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