पुणे पोर्श कार हादसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2024 में हुए चर्चित पुणे पोर्श कार हादसे से जुड़े मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। इन आरोपियों पर हादसे के बाद जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और ब्लड सैंपल से छेड़छाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। ये मामला देशभर में काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि इसमें एक लग्ज़री कार से हुए हादसे में लोगों की जान गई थी और जांच को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।
क्या है पूरा मामला?
पुणे में एक तेज़ रफ्तार पोर्श कार की टक्कर से हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी ड्राइवर के ब्लड सैंपल को लेकर अनियमितताएं हुई हैं। आरोप था कि नशे की स्थिति को छिपाने के लिए मेडिकल जांच में जानबूझकर गड़बड़ी की गई और सबूतों से छेड़छाड़ की गई।
इस मामले में ड्राइवर के अलावा कुछ अन्य लोगों पर भी जांच को प्रभावित करने, मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर कराने और साक्ष्यों को कमजोर करने के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीन आरोपियों को जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि जमानत का अर्थ ये नहीं है कि आरोप खत्म हो गए हैं। मामले की सुनवाई और जांच आगे भी जारी रहेगी। कोर्ट ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो और आरोपी कानून का पालन करें।
आगे क्या होगा
अब ये मामला निचली अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां सबूतों, गवाहों और जांच रिपोर्ट के आधार पर सुनवाई जारी रहेगी। पुणे पोर्श हादसा केस ने देश में सड़क सुरक्षा, रसूखदारों की जवाबदेही और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर बहस छेड़ दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर ये मामला चर्चा में आ गया है और सभी की नजरें अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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