Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार का दबदबा राज्यसभा में साफ दिखने वाला है। शरद पवार महाविकास आघाड़ी के कोटे से राज्यसभा जाएंगे, जबकि उनके पोते पार्थ पवार का नाम महायुति गठबंधन से तय माना जा रहा है। पहली बार दादा और पोता एक साथ सदन में शामिल होंगे, जिससे विपक्ष और महायुति दोनों ही खेमों की ताकत पर असर पड़ेगा। इस बीच भाजपा ने भी अपने अनुभवी और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिससे राज्यसभा चुनाव महाविकास आघाड़ी और भाजपा के लिए राजनीतिक रणनीति का अहम पड़ाव बन गया है।
राज्यसभा में दिखेगा ‘पवार’ परिवार का दबदबा
महाराष्ट्र से खाली हो रही राज्यसभा की सात सीटों में सबसे बड़ा आकर्षण पवार परिवार का सदन में प्रतिनिधित्व होगा।
- शरद पवार (राकांपा-शरद): महाविकास आघाड़ी के कोटे की एक सीट पर शरद पवार के नाम पर सर्वसम्मति बन गई है। अनुभवी राजनेता के रूप में उनका राज्यसभा जाना विपक्ष के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह होगा।
- पार्थ पवार (राकांपा-अजित): दूसरी ओर, महायुति गठबंधन से उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम लगभग तय माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो पहली बार राज्यसभा में दादा (शरद पवार) और पोता (पार्थ पवार) एक साथ सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनेंगे।
भाजपा की ‘सोशल इंजीनियरिंग’ और अनुभवी चेहरों पर भरोसा
भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को अपने चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर चौंका दिया है। पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है:
- रामदास आठवले व विनोद तावड़े: केंद्रीय मंत्री आठवले और पूर्व मंत्री तावड़े जैसे कद्दावर चेहरों को दोबारा मौका देकर भाजपा ने अनुभव को प्राथमिकता दी है।
- माया इवनाते व रामराव वाडकुटे: नागपुर की पूर्व महापौर माया इवनाते और पूर्व एमएलसी रामराव वाडकुटे को मैदान में उतारकर भाजपा ने विदर्भ और मराठवाड़ा के क्षेत्रों को साधने का प्रयास किया है।
अंकगणित: महायुति का पलड़ा भारी
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में वर्तमान समीकरणों के अनुसार महायुति गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में है:
- विधायकों की संख्या: 230 से अधिक विधायकों के समर्थन के साथ महायुति अपने छह उम्मीदवारों को आसानी से निर्वाचित कराने की स्थिति में है।
- शिवसेना (शिंदे गुट): मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सेना से राहुल शेवाले का नाम चर्चा में है, जो पार्टी के एक प्रमुख चेहरे रहे हैं।
एक नजर में चुनाव का पूरा कार्यक्रम
| महत्वपूर्ण चरण | तिथि |
|---|---|
| नामांकन की अंतिम तिथि | 05 मार्च |
| नामांकन पत्रों की जांच | 06 मार्च |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 09 मार्च |
| मतदान और परिणाम | 16 मार्च |
| जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है | विवरण अलग से उल्लेख किया गया है |
इस बार कई दिग्गज नेता सदन से विदा ले रहे हैं, जिनमें प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी), फौजिया खान (राकांपा-शरद), रजनी पाटिल (कांग्रेस) और भाजपा के धनंजय पाटिल व भगवत कराड शामिल हैं।
यह चुनाव केवल राज्यसभा की सीटें भरने का माध्यम नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ‘शक्ति प्रदर्शन’ (Show of Strength) का लिटमस टेस्ट भी है। विशेष रूप से पवार परिवार के दो सदस्यों का अलग-अलग खेमों से सदन पहुंचना महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक सच्चाई को बयां करता है।































