महाराष्ट्र

दुष्कर्मी अशोक खरात को 14 दिनों की जेल: SIT ने दोबारा कसी कमर, अन्य मामलों में आज फिर होगी कोर्ट में पेशी

अशोक खरात
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जघन्य अपराधों के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ कानून का शिकंजा और कड़ा होता जा रहा है। बुधवार को पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद, प्रशासन ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच नाशिक जिला सत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए प्रारंभिक सबूतों को देखते हुए, माननीय न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

अनेक मामलों में संलिप्तता और अगली कार्यवाही
सरकारी पक्ष ने अदालत को अवगत कराया कि अशोक खरात के विरुद्ध अपराधों का एक लंबा इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इन अन्य मामलों में कानूनन ‘औपचारिक गिरफ्तारी’ की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत, पुलिस उसे गुरुवार को दोबारा अदालत में पेश करेगी, जहाँ अन्य लंबित मामलों में उसकी हिरासत की मांग की जा सकती है।

SIT की गहन पूछताछ और जांच की कड़ियाँ
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) मामले की तह तक जाने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार की रात करीब 8 बजे SIT ने जेल भेजने से पहले उससे विस्तार से पूछताछ की। जांच एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि खरात के अपराधों का जाल काफी फैला हुआ है। सभी अलग-अलग मामलों की कड़ियों को आपस में जोड़ने और छिपे हुए तथ्यों को उजागर करने के लिए आरोपी से और अधिक पूछताछ की जरूरत है।

कानूनी प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, लेकिन SIT की सक्रियता और अन्य मामलों में उसकी फिर से होने वाली पेशी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में खरात की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस उन सभी साक्ष्यों को इकट्ठा करने में जुटी है जिससे अदालत में आरोपी के खिलाफ केस और अधिक मजबूत हो सके।

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