महाराष्ट्र

Rohit Shetty Firing Case: बिश्नोई गैंग की बदली ‘मोडस ऑपरेंडी’ ने बढ़ाई क्राइम ब्रांच परेशानी

रोहित शेट्टी
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Rohit Shetty Firing Case: प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि बिश्नोई गैंग ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पुरानी कार्यप्रणाली (Modus Operandi) में बड़ा बदलाव किया है। इस बार गैंग के हैंडलर शुभम लोनकर ने शूटरों को तकनीकी रूप से ‘अदृश्य’ रहने के निर्देश दिए थे, जिसके कारण चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

डिजिटल फुटप्रिंट मिटाने की नई साजिश
पिछले कुछ महीनों में मुंबई में हुई बड़ी वारदातों, जैसे सलमान खान के घर ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट’ पर फायरिंग और बाबा सिद्दीकी की हत्या में पुलिस को सबसे बड़ी सफलता मोबाइल टावर लोकेशन से मिली थी। उन घटनाओं में आरोपी वारदात से पहले और बाद में लगातार अपने आकाओं के संपर्क में थे।

इस बार बिश्नोई गैंग ने रणनीति बदलते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:

  • मोबाइल का शून्य उपयोग: शुभम लोनकर ने शूटर को स्पष्ट निर्देश दिया था कि फायरिंग से पहले और भागने के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह बंद रखा जाए।
  • लोकेशन ट्रेसिंग में बाधा: मोबाइल बंद होने के कारण क्राइम ब्रांच सीसीटीवी फुटेज के जरिए शूटर की पहचान तो कर चुकी है, लेकिन उसकी सटीक लोकेशन (Tower Dump) नहीं मिल पा रही है।
  • अंडरग्राउंड नेटवर्क: सूत्रों का मानना है कि मोबाइल का इस्तेमाल न करना आरोपी को पुलिस की नजरों से बचाकर मुंबई से बाहर निकलने में मददगार साबित हुआ।

पुणे कनेक्शन और ‘प्लान बी’ के साथी
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि ये चारों आरोपी बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के ‘प्लान बी’ का हिस्सा रहे गौरव अपुने, आदित्य गुडनकर और रफीक शेख के करीबी साथी हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि बिश्नोई गैंग महाराष्ट्र में अपने कैडर्स का एक साझा नेटवर्क इस्तेमाल कर रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और चुनौतियां
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी शूटर ने अब तक अपना फोन ऑन नहीं किया है, जिससे डिजिटल सर्विलांस नाकाम साबित हो रहा है।

  • मैनुअल इंटेलिजेंस: पुलिस अब मुखबिरों और पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर आरोपी का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
  • इंटर-स्टेट ऑपरेशंस: क्राइम ब्रांच की कई टीमें मुंबई से बाहर, खासकर उन राज्यों में भेजी गई हैं जहाँ बिश्नोई गैंग के सुरक्षित ठिकाने माने जाते हैं।

मुख्य साजिशकर्ता और नया निर्देश
जांच में सामने आया है कि इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोनकर, जो कि बिश्नोई गैंग का हैंडलर है, ने अपने समूह को वारदात के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह स्विच ऑफ रखने का नया निर्देश दिया था। यह कदम पहले हुई गलतियों से सीखा गया है, जैसे कि सलमान खान केस और सिद्दीकी मर्डर में संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन की मदद से गिरफ्तारी हुई थी। अब अपराधी हाई-टेक तरीकों से खुद को पकड़ने से बचने की कोशिश कर रहे हैं और डिजिटल सर्विलांस की बारीकियों को समझकर अपनी चालें चला रहे हैं।

ताजा गिरफ्तारी और पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस ने पुणे से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जो सिद्दीकी केस के ‘प्लान बी’ से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इन अपराधियों का ‘साइलेंट कम्युनिकेशन’ का तरीका कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है। अब पुलिस को पारंपरिक मुखबिरी और हाई-टेक तकनीक के बीच एक नया संतुलन बनाना होगा ताकि अपराधियों की हर चाल पर नजर रखी जा सके।

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