मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की कद्दावर नेता रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नाशिक के कथित ज्योतिषी अशोक खरात, जिस पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप हैं, के साथ संबंधों को लेकर उपजे विवाद ने चाकणकर को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि उन्होंने अपने त्यागपत्र में ‘व्यक्तिगत कारणों’ का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सख्त रुख के बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
विवाद की जड़: कथित ज्योतिषी से संबंध
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में नाशिक के कथित ज्योतिषी अशोक खरात के साथ रूपाली चाकणकर की तस्वीरें और मुलाकातों के दावे वायरल हो रहे थे। खरात पर दुष्कर्म का संगीन आरोप है, जिसके चलते महिला आयोग जैसी गरिमापूर्ण संस्था की प्रमुख का नाम उससे जुड़ना सरकार के लिए गले की हड्डी बन गया था। विपक्ष इस मुद्दे पर हमलावर था, जिससे महायुति सरकार की छवि पर भी सवाल उठ रहे थे।
इस्तीफे का घटनाक्रम
शुक्रवार का दिन चाकणकर के लिए गहमागहमी भरा रहा। इस्तीफे से पहले उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें स्पष्ट संकेत दे दिए थे कि जांच और नैतिक आधार पर उनका पद पर बने रहना अब संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही चाकणकर ने अपना इस्तीफा अपनी पार्टी की प्रमुख और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा और बाद में इसे आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया।
छोटा रहा दूसरा कार्यकाल
रूपाली चाकणकर को 15 अक्टूबर 2024 को दोबारा महिला आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एनसीपी (अजित पवार) में उनकी पकड़ और महिला मुद्दों पर उनकी आक्रामक छवि के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण पद मिला था। लेकिन नियुक्ति के महज कुछ महीनों के भीतर ही विवादों के साये ने उनके करियर के इस अध्याय का अंत कर दिया।
राजनीतिक प्रभाव
चाकणकर का इस्तीफा अजित पवार गुट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि महिला आयोग के इस रिक्त पद पर सरकार किसे नियुक्त करती है और क्या इस इस्तीफे से चाकणकर की पार्टी में स्थिति पर भी कोई आंच आती है।
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