महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े चर्चित मेधा सोमैया मानहानि मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत को सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राउत को मानहानि के मामले में बरी कर दिया है। वहीं, बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विस्तृत आदेश मिलने के बाद इस मामले में हाई कोर्ट में अपील दायर की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
ये मामला कथित ‘टॉयलेट घोटाले’ को लेकर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मीरा रोड (ठाणे) क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये के शौचालय निर्माण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया था। राउत का दावा था कि ये मामला एक एनजीओ से जुड़ा है, जिसका संबंध बीजेपी नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया से है।
इन आरोपों को मेधा सोमैया ने अपनी और अपने पति की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए 2022 में अदालत का दरवाजा खटखटाया था और संजय राउत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सुनाई थी सजा
सितंबर 2024 में मझगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने संजय राउत को मानहानि का दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें 15 दिन की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी और साथ ही 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
फैसले के तुरंत बाद राउत ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। अपील लंबित रहने के दौरान उनकी सजा पर रोक लगा दी गई थी।
सेशन कोर्ट से मिली राहत
सेशन कोर्ट ने 17 फरवरी को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को पलटते हुए संजय राउत को बरी कर दिया है। इस फैसले को शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
सुनवाई के दौरान विधायक सुनील राउत भी सेशन कोर्ट में मौजूद रहे।
किरीट सोमैया का बयान
फैसले के बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि उन्हें अभी कोर्ट का विस्तृत आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन वे इस निर्णय को चुनौती देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में हाई कोर्ट में अपील दायर की जाएगी।
सोमैया ने कहा कि ये मामला केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही का भी है।
मेधा सोमैया कौन हैं?
मेधा सोमैया मुंबई के रुइया कॉलेज में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने अपने और अपने पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ‘बदनाम करने की कोशिश’ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की थी।
आगे क्या?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या बीजेपी नेता किरीट सोमैया वाकई हाई कोर्ट में अपील दाखिल करते हैं और वहां इस मामले में क्या रुख सामने आता है। अगर हाई कोर्ट में अपील होती है, तो ये मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में इस फैसले के दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि ये मामला सियासी आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी लड़ाई दोनों से जुड़ा हुआ है।
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