महाराष्ट्र की राजनीति और विमानन सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे जय पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच पूरी होने तक वीएसआर की सभी उड़ानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड किया जाना चाहिए।
जय पवार ने वीडियो के साथ एक भावुक संदेश भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने पिता को खो दिया है और ये पीड़ा जीवनभर उनके साथ रहेगी। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में वीएसआर के मालिक रोहित सिंह मुख्य पायलट की सीट पर उड़ान के दौरान सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। जय पवार ने इस कथित लापरवाही को बेहद गंभीर और चौंकाने वाला बताया। उनका कहना है कि आसमान में रहते हुए इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती, क्योंकि ये यात्रियों की जान से जुड़ा मामला है।
उन्होंने डीजीसीए से मांग की है कि इस पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक वीएसआर की सभी उड़ानों को ग्राउंड किया जाए। जय पवार ने रोहित सिंह की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। उन्होंने इसे एक बेटे की पुकार बताते हुए कहा कि यह अपील न केवल उनके पिता के लिए है, बल्कि हर यात्री की सुरक्षा के लिए है।
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यह मामला 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में हुए लियरजेट 45 विमान हादसे के बाद और भी गंभीर हो गया। इस दुर्घटना में प्रदेश के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद डीजीसीए ने वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया था। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम द्वारा किए गए इस ऑडिट में एयरवर्दीनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशन से जुड़ी स्वीकृत प्रक्रियाओं के पालन में कई खामियां सामने आईं।
डीजीसीए के बयान के अनुसार, मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में भी गंभीर कमियां पाई गईं। नियमों के उल्लंघन और प्रक्रियागत खामियों को देखते हुए नियामक ने वीएसआर के चार लियरजेट 40/45 विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड कर दिया। इन विमानों को तब तक उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक एयरवर्दीनेस के मानक पूरी तरह संतोषजनक नहीं हो जाते।
डीजीसीए ने कंपनी को कमी रिपोर्टिंग फॉर्म जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वह नॉन-कम्प्लायंस के मामलों पर विस्तृत रूट कॉज एनालिसिस प्रस्तुत करे और सुधारात्मक कदमों की जानकारी दे। आगे का निर्णय नियामक द्वारा इन रिपोर्टों के आकलन के बाद लिया जाएगा।
विमानन क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में उड़ान संचालन या रखरखाव से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाता है। जय पवार द्वारा उठाए गए सवाल और डीजीसीए की कार्रवाई ने इस पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजरें जांच प्रक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।





























