महाराष्ट्र

NCP (अजित) की कमान अब सुनेत्रा पवार के हाथ, विरासत और जिम्मेदारी का नया अध्याय, पार्थ संभालेंगे बारामती की ‘सीट’

NCP (अजित)
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NCP (अजित): महाराष्ट्र की सियासत में एक युग के अंत के बाद अब पुनर्निर्माण का दौर शुरू हो गया है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) की कमान अब सुनेत्रा पवार संभालने जा रही हैं। पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम को औपचारिक रूप से तय कर लिया है।

आज शाम 5 बजे वर्ली स्थित NSCI Dome सभागार में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस मौके पर पार्टी के विधायक, सांसद और प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

अजित पवार के निधन के बाद एकजुटता का संदेश
28 जनवरी को बारामती में हुए दुखद विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने न केवल उनके परिवार, बल्कि राज्य की राजनीति को भी झकझोर कर रख दिया था।

  • वरिष्ठों का भरोसा: पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित तमाम दिग्गज नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा था।
  • महायुति का समर्थन: महायुति के सहयोगी दलों ने भी राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है, जिससे सत्ता के समीकरण स्थिर बने हुए हैं।

पार्थ पवार बनाम सुनेत्रा पवार: सर्वसम्मति से हुआ फैसला
पार्टी के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार के नाम पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि, राजनीतिक अनुभव और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य और केंद्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगाई।

  • रणनीति: पार्टी का मानना है कि सुनेत्रा पवार की स्वीकार्यता संगठन में अधिक है और वे गुटबाजी को रोकने में सक्षम हैं।

बारामती उपचुनाव: निर्विरोध चुनाव की कोशिश
अजित पवार के निधन से रिक्त हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब उनके उत्तराधिकारी के रूप में पार्थ पवार को चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया गया है।

  • इस्तीफा और उम्मीदवारी: सुनेत्रा पवार ने अपने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे वे संगठन और राज्य सरकार पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
  • निर्विरोध की राह: महायुति के नेता प्रयास कर रहे हैं कि सहानुभूति और अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाए, ताकि बारामती की परंपरा कायम रहे।
  • संवैधानिक अनिवार्यता: उपमुख्यमंत्री बनने के बाद सुनेत्रा पवार को अगले छह महीनों के भीतर विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता लेना अनिवार्य है।
राकांपा (अजित) का नया ढांचा
पद नामस्थिति
राष्ट्रीय अध्यक्षसुनेत्रा पवार – गुरुवार को औपचारिक घोषणा
कार्यकारी अध्यक्षप्रफुल्ल पटेल – मार्गदर्शक की भूमिका
प्रदेश अध्यक्षसुनील तटकरे – सांगठनिक मजबूती
उपचुनाव उम्मीदवारपार्थ पवार – बारामती विधानसभा सीट

महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार की यह नई पीढ़ी और सुनेत्रा पवार का नेतृत्व पार्टी को कितनी दूर ले जाता है, यह आने वाले नगर निगम और स्थानीय चुनावों के नतीजों से साफ होगा। फिलहाल, वर्ली का NSCI डोम एक नई शुरुआत का गवाह बनने के लिए तैयार है।

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