महाराष्ट्र सरकार ने रैगिंग के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। नागपुर स्थित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल की 19 छात्राओं को जूनियर छात्राओं के साथ रैगिंग करने का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
छात्रावास बना ‘टॉर्चर ज़ोन’, जांच में खुली पोल
कॉलेज के छात्रावास में रहने वाली जूनियर छात्राओं ने वरिष्ठ छात्राओं द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की शिकायत महाविद्यालय प्रशासन से की थी।
* जांच रिपोर्ट: शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एंटी-रैगिंग कमेटी ने त्वरित जांच शुरू की। रिपोर्ट में 19 छात्राओं की संलिप्तता की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें तीन महीने के लिए छात्रावास से निलंबित कर दिया गया।
* विधानसभा में गूंजा मुद्दा: चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने विधानसभा में एक लिखित जवाब के दौरान इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पीड़ित छात्राओं की हिम्मत और कॉलेज प्रशासन की तत्परता से दोषियों पर नकेल कसी जा सकी है।
NMC की नई गाइडलाइंस और महाराष्ट्र की स्थिति
मंत्री मुश्रीफ ने सदन को बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने अगस्त 2025 में रैगिंग रोकने के लिए सख्त नियमावली जारी की थी। राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रैगिंग के आंकड़ों में महाराष्ट्र की चिंताजनक स्थिति:
भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार, मोहन मते और कांग्रेस के नितीन राऊत द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
* देश में तीसरा स्थान: ‘सोसायटी अगेन्स्ट वायलेंस इन एजुकेशन’ और UGC की हेल्पलाइन के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (नाशिक) रैगिंग की शिकायतों के मामले में देशभर में तीसरे नंबर पर था।
* 2025 का रिकॉर्ड: पिछले वर्ष भी एंटी-रैगिंग पोर्टल पर इस विश्वविद्यालय से जुड़ी 27 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 3 मामले ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी के थे।
सरकार का सख्त रुख: “बख्शे नहीं जाएंगे दोषी”
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रैगिंग केवल एक अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध है।
* हेल्पलाइन सक्रिय: छात्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की सूचना तुरंत UGC या कॉलेज की इंटरनल कमेटी को दें।
* नियमित निगरानी: छात्रावासों में वार्डन और सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
* जागरूकता: नए सत्र की शुरुआत में ही छात्रों को कानूनी परिणामों के प्रति सचेत किया जा रहा है।
सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि
नागपुर की यह घटना शिक्षण संस्थानों के लिए एक सबक है। अनुशासन के नाम पर जूनियर्स का उत्पीड़न करने वाले छात्रों के लिए 3 महीने का निलंबन एक चेतावनी है। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन अब ‘नाशिक यूनिवर्सिटी’ के उस दाग को धोने की कोशिश कर रहे हैं, जो इसे देश के सबसे ज्यादा रैगिंग वाले संस्थानों की सूची में खड़ा करता है।






























