नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के खत्म होने की खबरों ने आम जनता के बीच बेचैनी पैदा कर दी थी। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) देखने को मिली। इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने मोर्चा संभाल लिया है और स्पष्ट किया है कि देश के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
आंकड़ों की जुबानी: घबराने की जरूरत क्यों नहीं?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश के ऊर्जा भंडार की वास्तविक स्थिति को साझा करते हुए जनता को आश्वस्त किया है। सरकार के पास वर्तमान में 60 दिनों का स्टॉक सुरक्षित है। इसके अलावा, भविष्य की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
* अगले 60 दिन की बुकिंग: सरकार ने अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) की एडवांस बुकिंग पहले ही पूरी कर ली है।
* एलपीजी कार्गो: लगभग 8 लाख टन एलपीजी कार्गो सुरक्षित कर लिए गए हैं। यह आपूर्ति अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख निर्यातक देशों से निरंतर जारी है।
* घरेलू उत्पादन में उछाल: देश के भीतर एलपीजी का उत्पादन 40% तक बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में भारत में प्रतिदिन 50 हजार टन एलपीजी का उत्पादन हो रहा है।
अफवाहों का बाजार और ‘कैश-एंड-कैरी’ का पेंच
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि ईंधन खत्म होने की खबरें पूरी तरह निराधार और “जानबूझकर फैलाई गई अफवाहें” हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर कुछ दिक्कतों की वजह ‘कैश-एंड-कैरी’ (नकद भुगतान और उठाव) सिस्टम को माना जा रहा है।
तेल कंपनियों द्वारा भुगतान के नियमों में बदलाव के कारण कुछ पेट्रोल पंप मालिकों को डिपो से ईंधन उठाने में तकनीकी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिसे आम जनता ने ‘स्टॉक की कमी’ समझ लिया।
पंप मालिकों को बड़ी राहत: क्रेडिट लिमिट में विस्तार
सप्लाई चेन को सुचारू बनाने और पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है:
* क्रेडिट लिमिट में बढ़ोतरी: पंप मालिकों के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर 3 दिन कर दी गई है।
* वित्तीय लचीलापन: इस कदम से उन डीलरों को राहत मिलेगी जिन्हें नकद भुगतान के कारण स्टॉक मंगाने में देरी हो रही थी। अब वे बिना तत्काल भुगतान के भी 3 दिनों तक का स्टॉक उठा सकेंगे।
सरकार की अपील: पैनिक बाइंग से बचें
पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। पैनिक बाइंग से न केवल व्यवस्था बिगड़ती है, बल्कि कृत्रिम किल्लत पैदा होने का डर रहता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई लाइन पूरी तरह सुरक्षित है और रिफाइनरियों से लेकर डिपो तक काम सामान्य रूप से चल रहा है।
विशेष नोट: यदि आपके क्षेत्र में कोई पंप मालिक जानबूझकर स्टॉक छिपाने या कालाबाजारी करने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।






























