मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और शहरी विकास के इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘तीसरी मुंबई’ (Third Mumbai) को बसाने की नीति पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। यह नया शहर न केवल मुंबई का बोझ कम करेगा, बल्कि आधुनिक भारत की नई पहचान भी बनेगा।
कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बैठक में ‘तीसरी मुंबई’ की विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और आवंटन नीति को मंजूरी दी गई। इस नीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- विशाल भूखंड का आवंटन: मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) को विकास के लिए 200 वर्ग किमी भूमि सौंपी गई है।
- नियोजित विकास: यह कार्य नव गठित ‘न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ के दायरे में होगा, जिससे अटल सेतु के आसपास के क्षेत्रों का व्यवस्थित शहरीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
- कनेक्टिविटी का लाभ: एमटीएचएल (अटल सेतु), जो शिवड़ी को न्हावा शेवा से जोड़ता है।इस नए शहर की जीवनरेखा बनेगा।
पुणे और बारामती के लिए भी सौगातों की बौछार
मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में उप-मुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा दिए गए सुझावों और प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखा दी है:
- रत्नपुरी (पुणे): यहाँ नई एमआईडीसी (MIDC) की स्थापना की जाएगी, जिससे औद्योगिक निवेश बढ़ेगा।
- बारामती: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक आधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण होगा।
- प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: राज्य में 11 नए अतिरिक्त कलेक्टर पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी आए।
भावुक क्षण: दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि
कैबिनेट बैठक में राजनीति और विकास की चर्चाओं के बीच एक भावुक मोड़ भी आया। बैठक की शुरुआत में दिवंगत अजित ‘दादा’ पवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पहली बार कैबिनेट का हिस्सा बनीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने आंसू नहीं रोक सकीं और काफी भावुक नजर आईं।
तीसरी मुंबई’ का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। अटल सेतु सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि मुंबई की भीड़ को कम करने और विकास को नए क्षितिज तक ले जाने का मार्ग बन गया है।































