महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी का सोमवार को बेहद शांत और रणनीतिक अंत हुआ। राज्य की 7 खाली सीटों के लिए मैदान में उतरे सभी 7 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। किसी भी अन्य उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल न करने या विरोध न होने के कारण चुनाव की नौबत नहीं आई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पर्दे के पीछे राजनीतिक समीकरण पहले ही सेट कर लिए गए थे।
महायुति की ‘सिक्सर’: सत्ता पक्ष का दबदबा
इन 7 सीटों में से 6 सीटें सत्ताधारी महायुति गठबंधन के खाते में गई हैं, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) ने एक सीट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
1. भाजपा और सहयोगियों का शक्ति प्रदर्शन
विनोद तावड़े: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की राज्यसभा में एंट्री उनके बढ़ते राजनीतिक कद को दर्शाती है।
रामदास आठवले: केंद्रीय मंत्री और आरपीआई प्रमुख आठवले एक बार फिर उच्च सदन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
रामराव वडकुटे और माया इवनाते: भाजपा ने इन दो चेहरों के जरिए सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
2. शिंदे सेना और अजित पवार गुट की रणनीति
पार्थ पवार: पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का निर्विरोध चुना जाना सबसे बड़ी चर्चा का विषय है। यह उनके राजनीतिक पुनरुद्धार और एनसीपी (अजित गुट) में उनकी नई भूमिका का संकेत है।
ज्योति वाघमारे: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपनी मुखर प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को संसद भेजकर महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है।
विपक्ष की ओर से अकेले ‘चाणक्य’
भले ही महायुति ने 6 सीटें जीती हों, लेकिन विपक्षी महाविकास अघाड़ी की ओर से शरद पवार का निर्विरोध चुना जाना यह बताता है कि आज भी महाराष्ट्र की राजनीति में उनका कद निर्विवाद है। 80 के पार की उम्र में भी शरद पवार का संसद के ऊपरी सदन में पहुँचना उनकी निरंतर राजनीतिक सक्रियता को प्रमाणित करता है।
राज्यसभा का नया अंकगणित
इस निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही महाराष्ट्र से राज्यसभा की सीटों का गणित अब पूरी तरह बदल गया है।
महायुति (6 सीटें): भाजपा (4), शिवसेना-शिंदे (1), एनसीपी-अजित (1)
MVA (1 सीट): एनसीपी-शरद चंद्र पवार (1)
निर्वाचित उम्मीदवार पार्टी गठबंधन
विनोद तावड़े भाजपा महायुति
रामदास आठवले RPI (A) महायुति
रामराव वडकुटे भाजपा महायुति
माया इवनाते भाजपा महायुति
पार्थ पवार NCP (अजित) महायुति
ज्योति वाघमारे शिवसेना (शिंदे) महायुति
शरद पवार NCP (शरद) महाविकास अघाड़ी
यह चुनाव परिणाम दर्शाते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की बड़ी पार्टियों के बीच आपसी तालमेल और रणनीति कितनी गहरी है। पार्थ पवार की संसद में एंट्री और विनोद तावड़े का दिल्ली की राजनीति में पुनः प्रवेश महाराष्ट्र के आने वाले राजनीतिक परिदृश्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बिना किसी विवाद के 7 सीटों का निपटारा होना लोकतंत्र में एक दुर्लभ लेकिन सुव्यवस्थित चुनावी प्रक्रिया का उदाहरण है।






























