भारत के युवा ग्रैंड मास्टर गुकेश डोम्माराजू, जिन्हें गुकेश डी के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में चीनी खिलाड़ी डिंग लिरेन को हराकर सुर्खियां बटोरीं। इस शानदार जीत के बाद, उन्हें 1.3 मिलियन डॉलर (लगभग 11 करोड़ रुपये) की इनामी राशि प्राप्त हुई।
हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई। और वो चुनौता ये थी कि भारत के टैक्स नियमों के तहत, गुकेश को इस राशि पर लगभग 4.67 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाना था। सिंगापुर के नियमों के अनुसार, वहां की सरकार इस प्राइज मनी पर कोई टैक्स नहीं लेती, जिससे गुकेश पूरी राशि भारत ला सके। लेकिन भारत में, उन्हें हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) की श्रेणी में रखा गया, जिसके चलते 30% टैक्स और सरचार्ज का प्रावधान लागू हुआ। इससे उनकी इनामी राशि का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाता।
लेकिन गुकेश और उनके समर्थकों के लिए राहत तब आई जब भारत सरकार ने उनकी ऐतिहासिक जीत को सम्मानित करते हुए टैक्स छूट देने का फैसला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्थिक मसलों से जुड़ी वेबसाइट फिलोक्स ने इस मामले में वित्त मंत्रालय से अपील की थी। इस अपील को स्वीकार करते हुए, सरकार ने गुकेश की प्राइज मनी पर टैक्स से छूट दे दी।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य न केवल गुकेश की उपलब्धियों को सराहना है, बल्कि ये भी सुनिश्चित करना है कि भारतीय युवाओं को अपनी प्रतिभा और कौशल के जरिए ऊंचाइयों तक पहुंचने का प्रोत्साहन मिले। इस फैसले के बाद, गुकेश अब पूरी इनामी राशि का उपयोग अपने करियर को आगे बढ़ाने और नए मुकाम हासिल करने के लिए कर सकते हैं।
इस मामले में तमिलनाडु की सांसद आर सुधा ने भी गुकेश को टैक्स से छूट दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। उनकी इस पहल ने भी सरकार के फैसले में अहम भूमिका निभाई।
मिली जानकारी के अनुसार, इस फैसले की जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। ये फैसला न केवल गुकेश के लिए बल्कि देश के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा साबित होगा।
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