राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने अजित पवार के आकस्मिक निधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटना से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिसमें “टाइम बम एंगल” भी शामिल है। परांजपे ने जोर देकर कहा कि पार्टी पहले दिन से ही व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग कर रही है।
‘परिवार’ की परिभाषा पर बयान
ठाणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद परांजपे ने कहा कि परिवार का अर्थ केवल रक्त संबंध नहीं होता। 2 जुलाई 2023 को लिए गए राजनीतिक निर्णय के बाद अजित पवार के साथ खड़े सभी लोग उनका परिवार हैं।
उन्होंने दिवंगत नेता के निधन को राजनीतिक रंग देने पर नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह के बयान उनके परिवार को गहरी चोट पहुंचा सकते हैं। महाराष्ट्र की संस्कृति में इस प्रकार की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
‘टाइम बम एंगल’ की भी हो जांच
परांजपे ने कहा कि अजित पवार के दुखद निधन के तुरंत बाद विलय और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा शुरू हो गई थी, जो संवेदनशील समय में उचित नहीं था।
उन्होंने दोहराया कि दुर्घटना या साजिश, हर पहलू की जांच होनी चाहिए। “टाइम बम एंगल” की भी गंभीरता से पड़ताल की जाए। 28 जनवरी से जुड़े सवालों की जांच जरूरी है और आखिरी समय में कप्तान बदले जाने के मुद्दे की भी जांच हो। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही ये स्पष्ट होगा कि ये तोड़फोड़ थी या दुर्घटना।
इंजन मेंटेनेंस और उड़ान सुरक्षा पर सवाल
एनसीपी नेता ने कहा कि जांच से ये भी सामने आना चाहिए कि संबंधित विमान (VSR) के इंजन का रखरखाव किस प्रकार किया जा रहा था और क्या विमान उड़ान के लिए पूरी तरह उपयुक्त था। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र की जनता को ये जानने का पूरा अधिकार है कि अजित पवार की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई।
राजनीति से ऊपर उठकर जांच की मांग
आनंद परांजपे ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाले जाएं।
उन्होंने ये भी बताया कि सुनेत्रा पवार, जो विधायी पद पर चुनी गई हैं, वे विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगी।
अजित पवार के निधन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच NCP ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की मांग केवल निष्पक्ष और व्यापक जांच की है। “टाइम बम एंगल” समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच की मांग ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।































