मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है। यहाँ आज के दिन से जुड़ी कुछ खास जानकारियां दी गई हैं:
1. राम नवमी का महत्व
राम नवमी न केवल एक धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत और ‘राम राज्य’ यानी एक आदर्श समाज की स्थापना का प्रतीक है। भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में श्री राम ने त्रेता युग में अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर जन्म लिया था।
2. चैत्र नवरात्रि का समापन
आज चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन भी है। नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति की उपासना के इस पर्व का आज सिद्धीदात्री माता की पूजा के साथ समापन हो रहा है। बहुत से श्रद्धालु आज के दिन कन्या पूजन और हवन करके अपना व्रत पूर्ण करते हैं।
3. अयोध्या में भव्य आयोजन
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आज विशेष उत्सव का माहौल है। 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या की राम नवमी वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन गई है।
* सूर्य तिलक: आज दोपहर 12 बजे के करीब भगवान राम के मस्तक पर सूर्य की किरणों से अभिषेक (सूर्य तिलक) किया गया, जो विज्ञान और आध्यात्म का एक अनूठा संगम है।
* लाखों श्रद्धालुओं की भीड़: सरयू नदी में स्नान और कनक भवन सहित तमाम मंदिरों में दर्शन के लिए लाखों भक्त अयोध्या पहुँचे हैं।
4. पूजा और परंपराएं
* मध्याह्न पूजा: भगवान राम का जन्म दोपहर 12 बजे माना जाता है, इसलिए इसी समय विशेष आरती और अभिषेक किया जाता है।
* रामचरितमानस पाठ: घरों और मंदिरों में रामायण और रामचरितमानस का अखंड पाठ किया जाता है।
* भजन-कीर्तन: “भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला…” जैसे स्तुति गान से मंदिर गुंजायमान हैं।
















