अमेरिकी राजनीति के गलियारों में एक बार फिर भूचाल आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी सबसे भरोसेमंद मानी जाने वाली अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पद से हटाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। गुरुवार को लिया गया यह फैसला न केवल ट्रम्प के सख्त मिजाज को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि उनके प्रशासन में ‘वफादारी और परिणाम’ से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं है।
विदाई की मुख्य वजह: एपस्टीन केस और सुस्त जांच
पाम बॉन्डी की बर्खास्तगी के पीछे सबसे बड़ा कारण बहुचर्चित जेफ्री एपस्टीन केस की जांच को माना जा रहा है। पिछले कई महीनों से चल रही इस जांच के तौर-तरीकों और इसकी गति को लेकर ट्रम्प लंबे समय से असंतुष्ट थे। सूत्रों की मानें तो ट्रम्प चाहते थे कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई हो, लेकिन बॉन्डी का रुख उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और ‘नाकाम’ मांगें
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अलगाव की एक और गहरी वजह है। राष्ट्रपति ट्रम्प अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कानूनी शिकंजा कसने की मंशा रखते थे, जिसके लिए उन्होंने न्याय विभाग (DOJ) पर दबाव बनाया था। 60 वर्षीय बॉन्डी ने अपने 14 महीने के कार्यकाल में ट्रम्प की इन मांगों को पूरी तरह से लागू करने में हिचकिचाहट दिखाई, जिसे ट्रम्प ने उनकी कमजोरी या असहयोग के रूप में देखा।
कैबिनेट में मची खलबली
बॉन्डी हाल के हफ्तों में बाहर का रास्ता देखने वाली दूसरी बड़ी कैबिनेट सदस्य हैं। इससे पहले पिछले महीने ही ट्रम्प ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम को हटाया था। एक के बाद एक शीर्ष अधिकारियों की विदाई यह बताती है कि ट्रम्प प्रशासन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और राष्ट्रपति अपनी टीम में केवल उन चेहरों को चाहते हैं जो उनके ‘एजेंडे’ पर बिना शर्त काम करें।
टॉड ब्लांश: नए संकटमोचक?
ट्रम्प ने बॉन्डी की जगह उनके डिप्टी टॉड ब्लांश को अंतरिम तौर पर जिम्मेदारी सौंपी है। ब्लांश वही व्यक्ति हैं जिन्होंने कई कानूनी लड़ाइयों में ट्रम्प का बचाव किया है। उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना साफ संकेत है कि ट्रम्प अब न्याय विभाग को अपने सबसे विश्वसनीय वकीलों के जरिए चलाना चाहते हैं।
पाम बॉन्डी की विदाई केवल एक पद का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी न्याय प्रणाली और राजनीति के टकराव का नया अध्याय है। क्या टॉड ब्लांश उन अपेक्षाओं को पूरा कर पाएंगे जिन्हें बॉन्डी नहीं कर सकीं? यह देखना दिलचस्प होगा।
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