उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक 18 वर्षीय युवती ने अपने ही पड़ोसी की हत्या कर दी और इसके बाद खून से सना फरसा लेकर खुद थाने पहुंच गई। युवती का दावा है कि पड़ोसी उसके साथ दुष्कर्म करने की नीयत से घर में घुसा था और खुद को बचाने के लिए उसने ये कदम उठाया।
फरसा लेकर थाने पहुंची युवती, मचा हड़कंप
ये मामला बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के मुरवल गांव का है। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गांव की एक युवती अचानक हाथों में खून से सना फरसा लेकर गांव की पुलिस चौकी पहुंची। ये दृश्य देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और ग्रामीण सन्न रह गए। युवती ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पड़ोसी की हत्या कर दी है।
दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था पड़ोसी!
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 50 वर्षीय सुखराम प्रजापति के रूप में हुई है। वो युवती के पड़ोस में रहता था। युवती ने बताया कि गांव में सन्नाटा देखकर सुखराम उसके घर में घुस आया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। उसने विरोध किया, लेकिन जब वो नहीं माना तो उसने आत्मरक्षा में घर में रखा फरसा उठाकर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद खुद पहुंची पुलिस चौकी
हत्या के बाद युवती लगभग 500 मीटर दूर स्थित मुरवल पुलिस चौकी तक पैदल गई और पूरे मामले की जानकारी खुद पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने युवती को हिरासत में ले लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने की जांच
घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह और कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
नए साल की शुरुआत में ही गई एक जान
ये घटना नए साल के शुरुआती दिनों में हुई, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। गांव में इस वारदात के बाद डर और सन्नाटे का माहौल है।
जांच में जुटी पुलिस, हर पहलू की पड़ताल
क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ये भी जांच कर रही है कि युवती का दावा कितना सही है और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
ये मामला आत्मरक्षा, कानून और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
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