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Van Accident Ambernath: अंबरनाथ में नर्सरी बच्चे चलती वैन से गिरे, ड्राइवर और केयरटेकर पर लापरवाही का केस!

Van Accident Ambernath: अंबरनाथ में नर्सरी बच्चे चलती वैन से गिरे, ड्राइवर और केयरटेकर पर लापरवाही का केस!

Van Accident Ambernath: अंबरनाथ की सड़कों पर सोमवार की सुबह एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर माता-पिता के दिल में डर पैदा कर दिया। कल्याण-बडलापुर रोड पर, ओमेया टाइल्स की दुकान के पास, एक निजी वैन में सवार दो नन्हे नर्सरी बच्चे चलती गाड़ी से गिर गए। ये बच्चे, जिनकी उम्र साढ़े तीन से पांच साल के बीच थी, स्कूल से घर जा रहे थे। लेकिन वैन का पिछला दरवाजा अचानक खुल गया, और ये मासूम सड़क पर जा गिरे। इस वैन हादसा अंबरनाथ ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल भी खड़े कर दिए।

हादसा सुबह 11 बजे के आसपास हुआ। वैन में सात-आठ नर्सरी बच्चे सवार थे। ड्राइवर का नाम है सोलमन त्रिमती साकप्पा, जो अंबरनाथ पश्चिम का रहने वाला है। उसके साथ दो केयरटेकर, उषा बालीद और कविता सुनील जाधव, भी थीं। पुलिस के मुताबिक, वैन का पिछला दरवाजा ठीक से बंद नहीं था, जिसके चलते ये हादसा हुआ। ड्राइवर को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह गाड़ी चलाता रहा। लेकिन एक ऑटो ड्राइवर, जो उस वक्त वहां से गुजर रहा था, उसकी सतर्कता ने बड़ा हादसा टाल दिया। उसने तुरंत अपना ऑटो रोका, वैन को रुकवाया और घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में बच्चों का इलाज शुरू हुआ। एक बच्चे को सिर में चोट आई, और वह अभी भी इलाजरत है। दूसरे बच्चे को पैर में हल्की चोट लगी, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। लेकिन सवाल ये है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही हुई कैसे? पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि वैन में जरूरत से ज्यादा बच्चे ठूंसे गए थे। इतना ही नहीं, वैन को लापरवाही से चलाया जा रहा था। अंबरनाथ पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर किशोर शिंदे ने बताया कि वैन का नंबर MH-05-FB-4792 है, और इसमें सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन नहीं किया गया। केयरटेकर ने दरवाजा ठीक से बंद करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिसके चलते ये नर्सरी बच्चे खतरे में पड़ गए।

पुलिस ने इस मामले में ड्राइवर सोलमन और दोनों केयरटेकर उषा और कविता के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही भरा कार्य) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134(A)(B) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने ये भी साफ किया कि ये वैन स्कूल की नहीं थी, बल्कि एक निजी वाहन था, जिसे सोलमन चला रहा था। अब इस मामले को RTO को भी भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अगर स्कूल प्रशासन की तरफ से भी कोई लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे बच्चे चलती वैन से सड़क पर गिरे। इसे देखकर माता-पिता में गुस्सा और डर दोनों है। हर कोई ये सवाल पूछ रहा है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ क्यों? स्कूल जाने वाले नन्हे बच्चों को ले जाने वाली गाड़ियों में इतनी लापरवाही कैसे बर्दाश्त की जा सकती है? इस वैन हादसा अंबरनाथ ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। क्या ये सिर्फ एक लापरवाही थी, या इसके पीछे कोई बड़ी चूक है? क्या स्कूलों और निजी वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई सख्त नियम लागू किए जाएंगे? फिलहाल, ये हादसा हर उस माता-पिता के लिए एक चेतावनी है, जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं। एक ऑटो ड्राइवर की सतर्कता ने उस दिन दो मासूमों की जान बचा ली, लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता। बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा, ये सवाल अब हर किसी के मन में है।

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