मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर नैतिकता और आचरण को लेकर बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है। राज्य सरकार में अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल का एक ‘ट्रांसवुमन’ के साथ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। इस वीडियो ने न केवल सरकार की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विपक्षी दलों को सत्तापक्ष पर हमला करने का एक बड़ा हथियार भी दे दिया है।
क्या है पूरा विवाद?
वायरल वीडियो में मंत्री नरहरी झिरवाल एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का दावा है कि यह वीडियो मंत्री के सरकारी आवास का है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
* नैतिकता पर सवाल: वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। विपक्ष इसे महाराष्ट्र की गौरवशाली राजनीतिक परंपरा का ‘नैतिक पतन’ करार दे रहा है।
* विपक्ष की आक्रामक मांग: कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए सीधे मुख्यमंत्री से झिरवाल को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
विजय वडेट्टीवार का प्रहार: ‘गैंगवार’ और ‘नैतिक गिरावट’
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखे बाण छोड़े हैं। उन्होंने इस मामले के पीछे सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को जिम्मेदार ठहराया है।
* सत्ता का आंतरिक गैंगवार: वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि यह वीडियो सार्वजनिक होना सत्ता पक्ष के भीतर चल रहे ‘गैंगवार’ का नतीजा है। उनके अनुसार, गठबंधन के सहयोगी दल एक-दूसरे के राजनीतिक अस्तित्व को खत्म करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
* सरकारी तंत्र का दुरुपयोग: उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी आवास पर इस तरह की अनैतिक गतिविधियां हो रही हैं, तो यह राज्य के लिए बेहद शर्मनाक है। यह महाराष्ट्र की संस्कृति और राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
सियासी खींचतान और गठबंधन में दरार?
इस वीडियो के बाहर आने के समय को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में इस तरह के खुलासे गठबंधन सरकार (महायुति) के भीतर ‘ऑल इज नॉट वेल’ (सब कुछ ठीक नहीं है) की ओर इशारा करते हैं।
विपक्ष का रुख: “एक तरफ सरकार ‘संस्कृति’ की बात करती है और दूसरी तरफ उनके मंत्री इस तरह के कृत्यों में लिप्त हैं। हम जिरवाल के इस्तीफे तक शांत नहीं बैठेंगे।” – कांग्रेस प्रवक्ता
झिरवाल और सरकार की चुप्पी
फिलहाल मंत्री नरहरी झिरवाल या सरकार के किसी आधिकारिक प्रवक्ता की ओर से इस वीडियो की सत्यता या इस पर कोई विस्तृत सफाई सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच सरकार को इस पर जल्द ही कोई कड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।
यह घटना केवल एक व्यक्तिगत वीडियो का मामला नहीं रह गई है, बल्कि इसने महाराष्ट्र की सत्ता की लड़ाई को ‘चरित्र हनन’ और ‘अंदरूनी साजिशों’ के मोड़ पर खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने मंत्री का बचाव करती है या विपक्ष के दबाव में झुकती है।































