पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब शिक्षा क्षेत्र पर भी पड़ने लगा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मध्य पूर्व के कुछ देशों में आयोजित हो रही 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को एहतियातन स्थगित करने का निर्णय लिया है। ये फैसला छात्रों की सुरक्षा और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
किन देशों में परीक्षाएं टलीं
मिली जानकारी के अनुसार, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित खाड़ी क्षेत्र के कुछ परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित तिथियों में बदलाव किया गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए बोर्ड ने 2 मार्च को निर्धारित कुछ परीक्षाओं को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इससे हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।
CBSE का आधिकारिक बयान
CBSE ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि ये निर्णय पूरी तरह एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है। बोर्ड ने कहा है कि छात्रों, शिक्षकों और परीक्षा कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्रीय परिस्थितियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और स्थिति सामान्य होते ही नई परीक्षा तिथियों की घोषणा की जाएगी।
Important Update on Class X/XII Exams – Middle East Regions
CBSE has issued a notification today regarding the Class X & XII Board Examinations in the Middle East regions.
See details herehttps://t.co/EFpSYRlDWB pic.twitter.com/AKfoTh1yZe
— CBSE HQ (@cbseindia29) March 1, 2026
5 मार्च से आगे क्या होगा
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि 5 मार्च से निर्धारित परीक्षाओं पर क्या असर पड़ेगा। बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि आगामी परीक्षाओं को लेकर फैसला स्थानीय प्रशासन, भारतीय दूतावासों और संबंधित एजेंसियों से समन्वय के बाद लिया जाएगा। यदि हालात सामान्य नहीं होते हैं, तो आगे की परीक्षाओं में भी बदलाव संभव है।
हालांकि भारत में आयोजित होने वाली परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं और उनमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता
परीक्षा स्थगित होने से छात्रों की तैयारी और मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। कई छात्र विदेशों में रहकर भारतीय पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई कर रहे हैं और बोर्ड परीक्षा उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अनिश्चितता की स्थिति स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ा रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा सर्वोपरि है और परीक्षा की नई तारीखों की स्पष्ट घोषणा से छात्रों को राहत मिलेगी।
लगातार मॉनिटरिंग में हालात
CBSE ने ये भी स्पष्ट किया है कि वो पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में रहते हुए परीक्षा कार्यक्रम को लेकर समय-समय पर अपडेट जारी किए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच लिया गया ये फैसला दिखाता है कि वैश्विक घटनाक्रम का प्रभाव शिक्षा व्यवस्था तक भी पहुंच सकता है। अब सभी की नजरें 5 मार्च के बाद की स्थिति और बोर्ड की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।





























