बॉलीवुड स्टार्स जहां अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सवालों से बचते नजर आते हैं, वहीं अक्षय खन्ना ने हमेशा रिश्तों और शादी पर खुलकर और ईमानदारी से अपनी बात रखी है। उनका नजरिया न सिर्फ अलग है, बल्कि आज की पीढ़ी के कई लोगों के इमोशन को भी छूता है। अक्षय मानते हैं कि उन्हें कमिटमेंट से डर लगता है, लेकिन ये डर न तो दिल टूटने से जुड़ा है और न ही प्यार पर भरोसा न होने से। दरअसल इसकी वजह कहीं ज्यादा गहरी और समझदारी से भरी हुई है। वो खुद को अच्छी तरह जानते हैं।
पुराने इंटरव्यूज में अक्षय खन्ना साफ कह चुके हैं कि शादी को कभी भी जिंदगी की “टू-डू लिस्ट” का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। उनका मानना है कि, शादी तभी सही है जब दिल से लगे कि यही सही समय है और यही सही इंसान है। उनके लिए ये न तो सामाजिक दबाव का मामला है और न ही उम्र के साथ निभाई जाने वाली कोई रस्म। शादी उनके लिए एक बड़ा इमोशनल और लाइफस्टाइल से जुड़ा डिसीजन है, जिसे जल्दबाजी या मजबूरी में नहीं लिया जा सकता।
दिलचस्प बात ये है कि समय के साथ उनका नजरिया बदला जरूर है, लेकिन कमिटमेंट को लेकर वो और ज्यादा सतर्क हो गए हैं। इसकी एक बड़ी वजह ये है कि अब उन्हें अकेले रहना ज्यादा पसंद आता है। वे खुद के साथ कंफर्टेबल हैं, अपनी आदतों और लाइफस्टाइल को समझते हैं और इस सच्चाई को एक्सेप्ट करते हैं कि शायद वो लंबे रिश्ते या शादी के लिए जरूरी मानसिक तैयारी खुद में नहीं देखते।
अक्षय का ये नजरिया इसलिए भी खास है क्योंकि वो इसे कमजोरी नहीं मानते। उनके अनुसार, अधूरे मन से रिश्ता निभाने से बेहतर है कि इंसान खुद के सच को एक्सेप्ट करे। यही सोच आज कई लोगों को अपनी सी लगती है। कमिटमेंट फोबिया का मतलब प्यार से भागना नहीं होता, बल्कि खुद को उन जिम्मेदारियों से बचाना होता है जिनके लिए इंसान खुद को तैयार नहीं पाता।
वेल, क्या आप ऐसे लोगों को जानते हैं, जो अक्षय खन्ना की तरह कमिटमेंट फोबिया के शिकार हैं? कमेंट कर बताएं।
ये भी पढ़ें: नेहा कक्कड़ का नया गाना ‘कैंडी शॉप’ बना चर्चा का केंद्र, तारीफ के साथ ट्रोलिंग भी तेज





























