Avoid These Tasks in This Time (Yamgand): ज्योतिष शास्त्र में यमगंड को एक ऐसा समय माना जाता है, जो अशुभ और जोखिम भरा होता है। इसे यमराज का समय कहा जाता है, जिसमें कुछ खास काम करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किए गए कार्य असफल हो सकते हैं या मुसीबत ला सकते हैं। रोजाना यह समय डेढ़ से दो घंटे के लिए आता है और हर दिन इसका वक्त बदलता रहता है। पंचांग की मदद से आप अपने शहर का सटीक यमगंड समय जान सकते हैं। आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि यमगंड क्या है और इसमें क्या नहीं करना चाहिए।
यमगंड का मतलब है यमराज के प्रभाव वाला समय। ज्योतिष के अनुसार, यह समय हानि, बाधा, डर या अपशकुन से जुड़ा होता है। जैसे राहुकाल में शुभ काम करने से बचा जाता है, वैसे ही यमगंड में भी कुछ कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है। यह समय हर दिन 1 घंटा 30 मिनट से 1 घंटा 40 मिनट तक रहता है। यह सूर्योदय और जगह के हिसाब से बदलता रहता है। उदाहरण के लिए, सोमवार को यमगंड सुबह 10:47 से दोपहर 12:25 तक हो सकता है, जबकि मंगलवार को यह सुबह 9:08 से 10:46 तक होता है। सटीक समय के लिए पंचांग देखना जरूरी है।
यमगंड में शुभ काम करने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में रुकावट आ सकती है या उनके नतीजे नकारात्मक हो सकते हैं। खासकर मांगलिक कार्य जैसे शादी, सगाई, गृह प्रवेश या कोई नया बिजनेस शुरू करना इस समय में नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से काम बिगड़ सकता है या नुकसान हो सकता है।
पिछले हफ्ते के पंचांग के अनुसार, 19 अगस्त 2025 को दिल्ली में यमगंड का समय इस प्रकार था: सोमवार को सुबह 10:47 से दोपहर 12:25, मंगलवार को सुबह 9:08 से 10:46, बुधवार को सुबह 7:31 से 9:09, गुरुवार को सुबह 5:53 से 7:31, शुक्रवार को दोपहर 3:39 से 5:16, शनिवार को दोपहर 2:01 से 3:38 और रविवार को दोपहर 12:23 से 2:00 तक। यह समय सूर्योदय और स्थान के आधार पर थोड़ा बदल सकता है। अपने शहर का सही समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग या न्यूज18 हिंदी का दैनिक पंचांग देख सकते हैं।
यमगंड में कुछ खास कामों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है। पहला, इस समय लापरवाही से गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। ज्योतिष के अनुसार, यमगंड में दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, जो बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरा, कोई नया काम शुरू करने से बचें, जैसे नया प्रोजेक्ट या बिजनेस डील, क्योंकि इसमें असफलता की आशंका रहती है। तीसरा, नई नौकरी शुरू करना या जॉइन करना भी टाल देना चाहिए, वरना काम में तनाव या परेशानी हो सकती है।
चौथा, यमगंड में शादी, सगाई या विदाई जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में परेशानी आ सकती है। पांचवां, अगर संभव हो तो इस समय में ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म टालना चाहिए, क्योंकि यह समय शिशु के लिए अशुभ माना जाता है। हालांकि, यह हमेशा इंसान के नियंत्रण में नहीं होता। छठा, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश या गर्भाधान जैसे शुभ संस्कार भी इस समय में नहीं करने चाहिए, क्योंकि इनके नतीजे नकारात्मक हो सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में यमगंड को राहुकाल जितना ही अहम माना जाता है। इसलिए जब भी कोई बड़ा या शुभ काम करने की योजना बनाएं, तो पंचांग में यमगंड का समय जरूर चेक करें। इससे न सिर्फ जोखिम कम होगा, बल्कि आपके काम की सफलता की संभावना भी बढ़ेगी।
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