मुंबई: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया विभाग प्रमुख नवनाथ बन ने बुधवार को उबाठा गुट के सांसद संजय राऊत पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए बन ने राऊत की राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वे आधिकारिक तौर पर उद्धव गुट के प्रवक्ता हैं या शरद पवार, कांग्रेस और वाम मोर्चे के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं?
‘राऊत का सिर वामपंथियों के पास गिरवी’
नवनाथ बन ने कहा कि संजय राऊत रोज सुबह भाजपा पर निराधार आरोप लगाते हैं, लेकिन उनकी बातों से स्पष्ट झलकता है कि वे शरद पवार के हितों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राऊत के दोनों पैर राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) में हैं और हाथ कांग्रेस में। ऐसी स्थिति में क्या उबाठा गुट में राऊत का सिर बचा भी है या उन्होंने उसे वाम मोर्चे के पास गिरवी रख दिया है?”
बन ने राऊत को चेतावनी दी कि वे दूसरों के दलों में दखल देना बंद करें। उन्होंने प्रफुल्ल पटेल का बचाव करते हुए कहा कि पटेल महाराष्ट्र के लिए एक संतुलित भूमिका निभा रहे हैं और राऊत को उनकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रवादी पर कब्जा करने की फिराक में ‘गिद्ध’
अजित पवार के निधन के बाद उपजी राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए बन ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पर कब्जा करने के लिए कुछ ‘गिद्ध’ मंडरा रहे हैं, जिनमें राऊत प्रमुख हैं। उन्होंने कहा:
- राष्ट्रवादी का भविष्य: दोनों राष्ट्रवादी गुटों या परिवारों के एक होने पर भाजपा को कोई आपत्ति नहीं है।
- निर्णायक शक्ति: पार्टी के विलय का निर्णय पूरी तरह से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेना है, क्योंकि वही राष्ट्रवादी की सर्वेसर्वा हैं।
- देवेंद्र फडणवीस का रुख: मुख्यमंत्री फडणवीस पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अजितदादा ने विलय को लेकर उनसे कभी कोई चर्चा नहीं की थी।
चुनावी हार और संगठन पर प्रहार
नवनाथ बन ने स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने उबाठा गुट को उसकी असली जगह दिखा दी है। कई नगर निगमों में उबाठा गुट का खाता तक नहीं खुला और उनका संगठन पूरी तरह समाप्त हो चुका है। साथ ही, उन्होंने रोहित पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्जत-जामखेड में यदि धनबल का प्रयोग न होता, तो जनता उन्हें भी नकार चुकी थी।
भारत-अमेरिका समझौता: मोदी के नेतृत्व की वैश्विक जीत
अंत में, बन ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि आज विश्व स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है, लेकिन संजय राऊत, राहुल गांधी की भाषा बोलकर वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब कर रहे हैं। देश का अपमान करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।































