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नांदेड के बाद ठाणे में दुखद घटना: शादी की जिद पर परिवार की ना, युवक ने दी जान

ठाणे
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ठाणे में 19 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने एक बार फिर प्रेम, विवाह और पारिवारिक दबाव जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र के नांदेड में ऑनर किलिंग की घटना के बाद ये मामला सामने आया है, जिसमें एक युवा ने परिवार की असहमति और मानसिक तनाव के चलते अपनी जान दे दी। ये घटना बताती है कि आज के समय में युवाओं पर मानसिक दबाव कितनी तेजी से बढ़ रहा है और परिवार तथा समाज के बीच संवाद की कमी किस तरह बड़े हादसों को जन्म दे रही है।

दरअसल ठाणे के डोंबिवली इलाके में रहने वाला ये युवक, जो मूल रूप से झारखंड से ताल्लुक रखता था, एक लड़की से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। लेकिन उसका परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और उनका कहना था कि वो अभी केवल 19 साल का है, इसलिए उसे कम से कम 21 वर्ष की आयु तक इंतज़ार करना चाहिए। परिवार का ये निर्णय युवक को बेहद आहत कर गया। मानसिक रूप से टूट चुके युवक ने घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर दुपट्टे से फांसी लगा ली। घरवालों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मनपाड़ा पुलिस थाना इस मामले की जांच कर रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ये साफ हुआ है कि युवक प्रेम संबंध में था और शादी करना चाहता था, लेकिन पारिवारिक असहमति के कारण वो तनाव में था। इस मामले में फिलहाल किसी तरह की साजिश या आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है, इसलिए इसे आत्महत्या के मामले के रूप में दर्ज किया गया है। नांदेड की इंटर-कास्ट ऑनर किलिंग के बाद सामने आया ये मामला ये दर्शाता है कि युवा सामाजिक दबाव और भविष्य की अनिश्चितता में किस तरह भावनात्मक संघर्ष से गुजर रहे हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आज की पीढ़ी भावनात्मक रूप से अधिक संवेदनशील है। रिश्तों, करियर और विवाह जैसे मुद्दों पर वे अत्यधिक दबाव महसूस करते हैं, और कई बार परिवार के साथ संवाद की कमी उन्हें ऐसे चरम कदम उठाने तक पहुंचा देती है। इस समय आवश्यकता है कि परिवार अपने बच्चों के साथ खुलकर बात करे, उन्हें सुने और उनके भावनात्मक तनाव को समझे।

यदि किसी व्यक्ति के मन में आत्महत्या जैसा विचार आए या मानसिक तनाव बढ़ने लगे, तो तत्काल सहायता लेना बेहद जरूरी है। भारत में कई हेल्पलाइन उपलब्ध हैं जहां विशेषज्ञ गोपनीय रूप से मदद प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 पर 24 घंटे सहायता उपलब्ध है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-599-0019 तेरह भाषाओं में सेवाएं देती है। इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज के नंबर 9868396824, 9868396841 और 011-22574820 पर भी सहायता ली जा सकती है। मुंबई के लिए हितगुज हेल्पलाइन 022-24131212 उपलब्ध है, जबकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस (NIMHANS) से 080-26995000 पर संपर्क किया जा सकता है।

ठाणे की ये घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। ये बताती है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कितनी आवश्यक है और परिवारों को अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने की कितनी जरूरत है। युवाओं के मनोभावों को समझना, उनसे बात करना और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेना ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे बड़ा तरीका हो सकता है।

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