बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य बनने की पुष्टि कर दी है और उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया। अमित शाह की मौजूदगी में ये प्रक्रिया पूरी हुई। नीतीश कुमार 10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, उसके बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। ये पहली बार होगा जब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा, क्योंकि एनडीए गठबंधन में अब बीजेपी की ओर से सीएम का चेहरा सामने आएगा।
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उनका साथ दिया, जिससे राज्य विकास के नए मुकाम पर पहुंचा है। उन्होंने अपनी पुरानी इच्छा का जिक्र किया कि वे विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनना चाहते थे। राज्यसभा में जाने के बाद भी वे बिहार के विकास में सक्रिय रहेंगे और नई सरकार को पूरा सहयोग देंगे।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख नाम
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा। सम्राट चौधरी अकेले दावेदार नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य दावेदारों में ये नाम सबसे आगे चल रहे हैं:
सम्राट चौधरी: वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। तरापुर विधानसभा से विधायक हैं। कुर्मी समुदाय से आते हैं और पार्टी में मजबूत पकड़ रखते हैं। कई रिपोर्ट्स में उन्हें सबसे मजबूत दावेदार बताया जा रहा है।
नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं और उजियारपुर से लोकसभा सांसद। यादव समुदाय से संबंध रखते हैं। बिहार चुनाव में सीट बंटवारे में उनकी बड़ी भूमिका रही। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर प्रभावशाली माने जाते हैं।
दिलीप जायसवाल: बिहार सरकार में मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। सीमांचल क्षेत्र में मजबूत आधार है। पार्टी में अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते हैं और जातीय समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
संजीव चौरसिया: दीघा से बीजेपी विधायक। पार्टी के संगठन में सक्रिय और स्थानीय स्तर पर मजबूत छवि रखते हैं।
कुछ अन्य नाम जैसे विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री) भी चर्चा में हैं, लेकिन ऊपर बताए चार नाम सबसे प्रमुख हैं।
नई सरकार का संभावित फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में बीजेपी से मुख्यमंत्री और जेडीयू से दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। जेडीयू की ओर से विजय कुमार चौधरी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम पर विचार हो रहा है। ये फॉर्मूला गठबंधन को मजबूत रखने के लिए तैयार किया जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होगा और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार में 21 साल बाद नया मुख्यमंत्री आएगा। ये बदलाव 2025 के बाद के राजनीतिक समीकरण को भी प्रभावित करेगा। बिहार की जनता अब नए नेतृत्व की ओर देख रही है, जबकि नीतीश कुमार दिल्ली में अपनी भूमिका निभाएंगे।
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