महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: महाराष्ट्र के नागपुर नगर निगम चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित कर दी है। शुरुआती रुझानों में भाजपा को बड़ी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि संघ के मुख्यालय वाले इस शहर में भाजपा का प्रभाव आज भी बरकरार है। पिछले 15 वर्षों से नागपुर नगर निगम पर भाजपा का नियंत्रण बना हुआ है और इस बार भी वही तस्वीर दोहराती नजर आ रही है।
नागपुर नगर निगम की कुल 151 सीटों के लिए हुए चुनाव की मतगणना के दौरान भाजपा लगातार आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। जैसे-जैसे नतीजे सामने आ रहे हैं, भाजपा की बढ़त और स्पष्ट होती जा रही है। कई प्रमुख वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों ने निर्णायक बढ़त बना ली है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
नागपुर शहर राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। यह शहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के साथ-साथ भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की कर्मभूमि भी रहा है। ऐसे में यहां होने वाला नगर निगम चुनाव केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिलता है। यही वजह है कि इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी भी ठीक-ठाक रही। बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान कर नगर निगम के प्रतिनिधियों को चुनने में अपनी भूमिका निभाई। शुरुआती रुझानों से यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा, जमीनी कार्य और चुनावी रणनीति एक बार फिर कारगर साबित हुई है। विपक्षी दलों को भाजपा के सामने मजबूत चुनौती देने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नागपुर में भाजपा की यह बढ़त आने वाले समय में महाराष्ट्र की नगर राजनीति को नई दिशा दे सकती है। 15 साल बाद भी सत्ता बनाए रखना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन नागपुर में भाजपा ने यह कर दिखाया है। यह नतीजा पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा, वहीं विपक्ष के लिए आत्ममंथन का संकेत भी है।
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, तस्वीर और साफ होगी, लेकिन फिलहाल के रुझान यही बताते हैं कि नागपुर नगर निगम में भाजपा का दबदबा एक बार फिर कायम रहने जा रहा है।































