महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुंब्रा पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करीब ₹27 करोड़ की मादक पदार्थ बरामद की है। जांच में सामने आया है कि ये पूरा नेटवर्क मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक फैला हुआ था और लंबे समय से सक्रिय था।
मेफेड्रोन ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में मेफेड्रोन (एमडी ड्रग) जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। ये ड्रग युवाओं के बीच तेजी से फैल रही खतरनाक सिंथेटिक नशा मानी जाती है। पुलिस के अनुसार, तस्कर इसे छोटे-छोटे पैकेटों में सप्लाई कर ठाणे और आसपास के इलाकों में खपाते थे।
मध्य प्रदेश से जुड़ा तार
जांच में पता चला है कि ड्रग्स की आपूर्ति मध्य प्रदेश के रतलाम और आसपास के इलाकों से की जा रही थी। वहां से ड्रग्स को अलग-अलग तरीकों से महाराष्ट्र लाया जाता था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। तस्कर परिवहन के लिए निजी गाड़ियों और कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
मुंब्रा पुलिस को इस रैकेट के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कई दिनों तक निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही ड्रग्स की खेप ठाणे पहुंची, पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को दबोच लिया।
कई आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
युवाओं को निशाना बना रहा था नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ड्रग रैकेट खासतौर पर युवाओं और नाइटलाइफ से जुड़े इलाकों को निशाना बना रहा था। मेफेड्रोन जैसी ड्रग्स को क्लब, पार्टियों और कॉलेज इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का बयान
मुंब्रा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी ड्रग बरामदगी में से एक है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री कहां स्थित थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह से तो नहीं है।
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