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मुंबई एयरपोर्ट पर चेक-इन हुआ और तेज व स्मार्ट, अब मिनटों में पूरी होगी प्रक्रिया, जानें ऐसा कैसे?

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मुंबई: देश के सबसे व्यस्त और दुनिया के टॉप 10 एयरपोर्ट में शामिल छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ी पहल की है। अब मुंबई एयरपोर्ट पर चेक-इन और बैगेज ड्रॉप की लंबी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी। टर्मिनल-2 पर 14 नए हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप (SBD) काउंटर शुरू किए गए हैं, जिससे यात्रियों को तेज और सुगम सेवा मिलने की उम्मीद है।

कैसे आसान होगी सेवा?
अब तक यात्रियों को चेक-इन और सामान जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता था और पूरी प्रक्रिया में लगभग 30 मिनट तक का समय लग जाता था। लेकिन नई हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप व्यवस्था के जरिए ये समय काफी कम हो जाएगा। ये सिस्टम चेक-इन और बैगेज ड्रॉप को एक ही प्रक्रिया में जोड़ता है, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप कम होता है और यात्रियों का इंतजार घटता है। सेल्फ-सर्विस मोड में एक काउंटर प्रति घंटे लगभग 100 से 120 यात्रियों का बैगेज प्रोसेस कर सकता है, जबकि पारंपरिक काउंटर पर ये संख्या 25 से 30 यात्रियों तक ही सीमित रहती है। इससे एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने और प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

एयरपोर्ट प्रशासन ने वर्ष 2028 तक टर्मिनल-2 के सभी 212 पारंपरिक चेक-इन काउंटरों को चरणबद्ध तरीके से हाइब्रिड सिस्टम में बदलने का लक्ष्य तय किया है। इससे आने वाले वर्षों में यात्रियों को और अधिक आधुनिक व तेज सेवाएं मिल सकेंगी। ये कदम बढ़ती यात्री संख्या और बदलती तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

क्यों शुरू हुई ये सेवा?
मुंबई एयरपोर्ट पर सेल्फ-सर्विस बैगेज सुविधा की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 3.88 लाख यात्रियों ने इस सुविधा का उपयोग किया था, जबकि वर्ष 2025 में ये संख्या बढ़कर 5.60 लाख से अधिक हो गई। बढ़ती मांग को देखते हुए बैगेज प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है। एयरपोर्ट के प्रवक्ता के अनुसार, ये हाइब्रिड सिस्टम आवश्यकता के अनुसार मैनुअल और सेल्फ-सर्विस मोड के बीच आसानी से बदला जा सकता है, जिससे पीक और ऑफ-पीक समय में संचालन अधिक लचीला और प्रभावी रहेगा।

फिलहाल इंडिगो और एयर इंडिया ने इस सुविधा को अपनाया है। आने वाले समय में लुफ्थांसा, एयर फ्रांस, कतर एयरवेज, स्विस और केएलएम जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी इस हाइब्रिड प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होंगी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलेगा।

आनेवाले दिनों में और बढ़ेगी सुविधा
नई व्यवस्था को डीजे यात्रा बायोमेट्रिक तकनीक से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे फेस रिकग्निशन के माध्यम से यात्रियों की प्रोसेसिंग और अधिक तेज हो जाएगी। पहली बार इस सुविधा का उपयोग करने वाले यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए एयरपोर्ट पर प्रशिक्षित सहायकों की तैनाती भी की गई है, ताकि किसी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया के शीर्ष 10 एयरपोर्ट में शामिल है और पिछले वर्ष भी इसने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के दम पर टॉप 10 में स्थान बनाए रखा था। वैश्विक रैंकिंग में इसे 9वां स्थान मिला था, जो भारत के लिए गर्व की बात है। नई हाइब्रिड चेक-इन व्यवस्था के साथ मुंबई एयरपोर्ट अब यात्रियों को और अधिक तेज, स्मार्ट और डिजिटल अनुभव देने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा चुका है।

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